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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 12 महीनों हेतु सीरिया के लिए मानवीय सहायता का नवीकरण किया

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनपीएससी) ने 17 दिसंबर 2014 को सीरिया के लिए 12 माह हेतु मानवीय सहायता का नवीकरण किया.

Dec 30, 2014 15:00 IST

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनपीएससी)  ने 17 दिसंबर 2014 को बिना सीरिया सरकार की सहमति के सीरिया के लिए 12 माह हेतु मानवीय सहायता का नवीकरण किया. जुलाई 2014 में पारित प्रस्ताव 2165 के अनुसार, सीरिया के नागरिकों के लिए मानवीय सहायताएं 10 जनवरी 2016 तक के लिए बढ़ा दीं गईं.

प्रस्ताव के मुख्य बिंदु

  • मानवीय सहायता विवादास्पद सीमाओं और सीरिया को छूने वाली तुर्की, इराक और जोर्डन की सीमा के लिए नवीनीकृत की गई.
  • चार देशों की सीमाएं जो सीरिया को छूती हैं, उनके नाम हैं इराक बोर्डर पर यारूबियाह, जोडर्न बोर्डर पर अल-रमथा और तुर्की सीमा पर बाब अल हवा.
  • संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता एजेंसियों और उनके सहयोगियों को बुलाकर प्रभावित क्षेत्रों में सबसे जरूरतमंद लोगों तक ; अधिकृत द्ध सीमा पार तक जहां तक संभव हो मदद पहुंचाने के लिए कहा गया.
  • इसमें पहले शुरू किए गए प्रस्ताव 2139 व 2165 के अनुपालन में हुई खामियों पर चिंता व्यक्त की गई और दूरगामी क्षेत्रों तक लोगों के बीच अधिक मदद पहुंचाने की मांग की गई.
  • इसके अंतर्गत नागरिकों से स्कूलों, अस्पतालों व निर्दोष लोगों पर होने वाले हमले के खिलाफ खड़े होने और मुकाबला करने के लिए हथियारों को चलाने के लिए कहा गया.
  • इसमें अपहरण किए गए लोगों की रिहाई के लिए कठोरता से कहा गया और बच्चों व महिलाओं के साथ जारी कुप्रथाओं को रोकने और बुजुर्गो की सहायता करने की अपील की गई.
  • पड़ोसी देशों से सीरिया में मदद के लिए आ रही सामग्री के लगातार आवागमन की निगरानी के लिए भी इसमें कहा गया.
  • इसमें संयुक्त राष्ट्र के मध्यस्थों की सीरिया के स्ताफन दे मिस्तुरा के क्रियाकलापों के संबंध में उससे बात करने और कुछ प्रांतों में सीजफायर की घोषणा करने की भी बात कही गई.
  • संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के मुताबिक सीरिया में वर्तमान में 12.2 मिलियन लोगों को मानवीय सहायता की जरूरत है. सीरिया की करीब आधी आबादी विस्थापित हो चुकी है, 7.6 मिलियन लोगों के आंतरिक विस्थापन के साथ 3 मिलियन से ज्यादा लोग पड़ोसी देशों में शरणार्थी बने हुए हैं.