Search

सार्क देशों के बीच विद्युत व्यापार सुनिश्चित करने के लिए ऊर्जा समझौते पर हस्ताक्षर किए गए

दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) के आठ सदस्य-देशों ने 27 नवंबर 2014 को काठमांडू, नेपाल में आयोजित 18 वें सार्क शिखर सम्मेलन में एक ऊर्जा समझौते पर हस्ताक्षर किए.

Nov 29, 2014 11:59 IST
facebook IconTwitter IconWhatsapp Icon

दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) के आठ सदस्य-देशों ने 27 नवंबर 2014 को काठमांडू, नेपाल में आयोजित 18 वें सार्क शिखर सम्मेलन में एक ऊर्जा समझौते पर हस्ताक्षर किए.

ऊर्जा समझौते का उद्देशय ,सार्क देशों द्वारा  ग्रिड कनेक्टिविटी के माध्यम से विद्युत व्यापार सुनिश्चित करने के लिए ऊर्जा क्षेत्र में सहयोगकरना है.

पाकिस्तान के आंतरिक प्रक्रिया का  पूरा न हवाला देते हुए ऊर्जा समझौते का विरोध किया, लेकिन अंत मे मान मनौव्वल के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ इस पर हस्ताक्षर करने के लिए सहमत हुए.

इस समझोते के अंतर्गत तीन महीने की समय सीमा के भीतर  लोगों से लोगों के बीच संपर्क एवं वस्तुओं के आदान प्रदान को प्रोत्साहित किया जाएगा.

समझौते के माध्यम से सार्क देश बिजली क्षेत्र में अधिक से अधिक सहयोग कर सकेंगे. समझौते से  पूरे सार्क क्षेत्र में बिजली की उपलब्धता में सुधार की उम्मीद है. इस समझोते से क्षेत्रीय पावर ग्रिड का एकीकृत संचालन  सुविधा जनक हो जायेगा.

भारत और मोजाम्बिक ने  तेल और गैस क्षेत्र में सहयोग के लिए सहमति  पत्र पर हस्ताक्षर किए.

भारत और मोजाम्बिक ने 28 नवंबर 2014 को पांच साल की अवधि के लिए तेल के क्षेत्र और गैस क्षेत्र में सहयोग के लिए एक सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए. सहमति पत्र पर मोजा़म्बिक के विदेश मामले एवं अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंत्री महामहिम श्री ओल्डेमिरो बलोई  भारत के आधिकारिक दौरे के  दौरान हस्ताक्षर किए गए.

सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर से  समानता और आपसी लाभ के आधार पर द्विपक्षीय सहयोग में वृद्धि होगी. इस समझौते  के माध्यम से  दोनों देश अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्रों के बीच घनिष्ठ सहयोग और   क्षमता निर्माण को बढ़ाने और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण जैसे क्षेत्रों में सहयोग करना चाहते हैं.

भारत और मोजा़म्बिक के बीच गर्मजोशीपूर्ण एवं मैत्रीपूर्ण संबंध हैं. 2013-14 में 1.5 बिलियन अमरीकी डॉलर से अधिक द्विपक्षीय व्यापार के साथ, भारत मोजा़म्बिक के शीर्ष 5 व्यापार साझेदारों में से एक है. मोजा़म्बिक भारत से रियायती ऋण प्राप्त करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश है जिसकी कुल राशि 2004 से 2013 की अवधि के दौरान 639.44 मिलियन अमरीकी डॉलर है. भारत मोजा़म्बिक का एक प्रमुख निवेश साझेदार भी है. काफी संख्या में भारत की सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की कंपनियों ने मोजा़म्बिक में निवेश किया है जिसमें ऊर्जा क्षेत्र में निवेश शामिल है. भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (आई टी ई सी) कार्यक्रम के तहत भातरीय संस्थाओं में मोजा़म्बिक के अनेक विशेषज्ञों को प्रशिक्षण दिया जाता है.

मोज़ाम्बिक की रोवन्ना  क्षेत्र एक अपतटीय ब्लॉक से सालाना तरलीकृत प्राकृतिक गैस का34 मिलियन टन का उत्पादन करने की योजना है जहां भारत की ओएनजीसी विदेश लिमिटेड, ऑयल इंडिया और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने 30 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी है

समझौता ज्ञापन से  भारतीय कंपनियों को बढ़ते भारतीय गैस बाजार के लिए मोज़ाम्बिक  में एल एन जी के  उपयोग की सुविधा होगी और उन्हें मोजाम्बिक के एलएनजी परियोजना में भाग लेने की अनुमतिभी  होगी. इस समझोते के अंतर्गत दस और एलएनजी टर्मिनल स्थापित किए जाने की संभावना है प्रतिवर्ष प्रत्येक टर्मिनल  पांच लाख टन गैस का उत्पादन करेगा. विदेश मंत्री के निमंत्रण पर मोजा़म्बिक के विदेश मामले एवं अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंत्री महामहिम श्री ओल्डेमिरो बलोई 23 से 29 नवंबर, 2014 के दौरान भारत का आधिकारिक दौरा किया था . उनके साथ मोजा़म्बिक के विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी आये थे .

Download our Current Affairs & GK app For exam preparation

डाउनलोड करें करेंट अफेयर्स ऐप एग्जाम की तैयारी के लिए

AndroidIOS