सूरत की जरी कढ़ाई को भौगोलिक पेटेंट

सूरत की मशहूर जरी की कढ़ाई को विशिष्ट भौगोलिक पहचान पंजीयन (Geographic Indication Registration) के तहत पेटेंट मिला. पेटेंट मिलने से अब सूरत में जरी के काम से जुड़े लगभग डेढ़ लाख लोगों को अपने उत्पाद के लिए संरक्षण मिलेगा.

Created On: Nov 30, 2010 16:06 ISTModified On: Mar 23, 2011 12:55 IST

सूरत की मशहूर जरी की कढ़ाई को विशिष्ट भौगोलिक पहचान पंजीयन (Geographic Indication Registration) के तहत पेटेंट मिला. पेटेंट मिलने से अब सूरत में जरी के काम से जुड़े लगभग डेढ़ लाख लोगों को अपने उत्पाद के लिए संरक्षण मिलेगा. यानी अन्य जगह के लोग इसकी नक़ल नहीं कर सकेंगे. ज्ञातव्य हो कि जरी उद्योग सूरत के सबसे पुराने उद्योगों में से एक है, जिसमें सोने और चांदी से जरी का काम किया जाता है. चेन्नई स्थित भौगोलिक पहचान पंजीयन कार्यालय ने सूरत की जरी कढ़ाई को नवंबर 2010 के तीसरे सप्ताह में पंजीकृत किया. 

Take Weekly Tests on app for exam prep and compete with others. Download Current Affairs and GK app

एग्जाम की तैयारी के लिए ऐप पर वीकली टेस्ट लें और दूसरों के साथ प्रतिस्पर्धा करें। डाउनलोड करें करेंट अफेयर्स ऐप

AndroidIOS
Comment ()

Related Stories

Post Comment

2 + 4 =
Post

Comments