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44वां भारतीय श्रम सम्मेलन भारत की राजधानी नई दिल्ली में संपन्न

India Current Affairs 2012. 44वां भारतीय श्रम सम्मेलन भारत की राजधानी नई दिल्ली में 15 फरवरी 2012 को संपन्न हो गया

Feb 21, 2012 17:03 IST

44वां भारतीय श्रम सम्मेलन भारत की राजधानी नई दिल्ली में 15 फरवरी 2012 को संपन्न हो गया. इस सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने किया. सम्मेलन में न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा, रोजगार के लिए योग्यता और रोजगार सहित अनेक सामयिक और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई. सम्मेलन के उद्घाटन में प्रधानमंत्री ने कहा है कि मजबूत औद्योगिक संबंधों के बिना तेज गति से समावेशी वृद्धि और आधुनिक औद्योगिक अर्थव्यवस्था के लक्ष्य हासिल नहीं किए जा सकते.

उन्होंने कहा कि नौ प्रतिशत आर्थिक वृद्धि का लक्ष्य हासिल करने के लिए श्रमिकों, मालिकों और सरकार, सबको मिलकर प्रयास करना होगा. उन्होंने श्रमिकों, विशेषकर असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के कल्याण और खुशहाली के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई. डॉ सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत अब असंगठित क्षेत्र में गरीबी की रेखा से नीचे के ढ़ाई करोड़ से अधिक परिवार शामिल हो गए हैं. इस योजना के तहत निर्माण श्रमिकों, रेहड़ी वालों, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से लाभ उठाने वालों, बीड़ी मजदूरों और घरों में काम करने वालों को भी लाभ दिया जा रहा है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि मनरेगा ने गांवों से काम की तलाश में लोगों का पलायन रोका है और ग्रामीण मजदूरों की मजदूरी में भी सुधार किया है. उन्होंने नियामक ढांचे की बारीकी से पड़ताल करने पर जोर दिया ताकि यह देखा जा सके कि ये ढांचा श्रमिक कल्याण में उल्लेखनीय योगदान करने के बजाय कहीं रोजगार और उद्योग की वृद्धि में बाधक तो नहीं हो रहा.

भारत सरकार ने कौशल विकास मिशन शुरू किया है जिसका उद्देश्य सरकारी और निजी भागीदारी के जरिए प्रशिक्षित श्रमिकों की संख्या बहुत अधिक बढ़ाना है.