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एडीबी ने एशियाई विकास आउटलुक-2019 प्रकाशित किया

एडीबी ने साल 2019-20 के लिए भारत की अनुमानित सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) को घटाकर 7.2 प्रतिशत कर दिया है. इसका मुख्य कारण भारत में निवेश की रफ़्तार लगातार धीमे होना है.

Apr 5, 2019 10:04 IST

एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने हाल ही में एशियाई विकास आउटलुक-2019 प्रकाशित किया है.

एडीबी ने साल 2019-20 के लिए भारत की अनुमानित सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) को घटाकर 7.2 प्रतिशत कर दिया है. इसका मुख्य कारण भारत में निवेश की रफ़्तार लगातार धीमे होना है. एडीबी ने पहले वित्त वर्ष 2019-20 में भारतीय अर्थव्यवस्था में 7.6 फीसदी की बढ़त होने का अनुमान जारी किया था.

मुख्य तथ्य:

•  एडीबी ने रिपोर्ट में यह अनुमान जताते हुये कहा कि केंद्र सरकार ने हाल ही में निवेश के मौहाल में सुधार करने और निजी उपयोग बढ़ाने के लिए कई नीतिगत सुधार किये है. इससे आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा.

•  रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय वर्ष 2017 में वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत था जो कमजोर कृषि उत्पादन और खपत में वृद्धि, सरकारी खर्चों में कमी के साथ वैश्विक तेल की कीमतों में कमी के कारण साल 2018 में घटकर 7.0 प्रतिशत पर पहुँच गया.

•  रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2020-21 में विकास दर 7.3 प्रतिशत रहने का संभावना है.

•  अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने पहले क्रमशः 7.5 प्रतिशत और 7.4 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया था.

•  भारत इसके बावजूद सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा, क्योंकि साल 2019 में चीन की वृद्धि दर 6.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है.

•  एडीबी ने व्यापक आर्थिक चुनौतियों का हवाला देते हुए कहा कि पाकिस्तान की वृद्धि दर वित्त वर्ष 2018 में 5.2 प्रतिशत से गिरकर साल 2019 में 3.9 प्रतिशत पर आ जाने का अनुमान है.

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एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के बारे में:


•   एशियाई विकास बैंक (एडीबी) एक क्षेत्रीय विकास बैंक है. इस बैंक की स्थापना 19 दिसम्बर 1966 को एशियाई देशों के आर्थिक विकास के सुगमीकरण के लिए की गयी थी.

•   इस बैंक का मुख्य उद्देश्य एशिया में सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है.

•   इसका मुख्यालय मनीला (फिलीपींस) में स्थित है. इसके कुल 67 सदस्य हैं, जिनमें से 48 एशिया और प्रशांत क्षेत्र जबकि बाकी 19 अन्य क्षेत्र के हैं.

•   एडीबी का प्रारूप काफी हद तक विश्व बैंक के आधार पर बनाया गया था और विश्व बैंक के समान यहां भी भारित वोट प्रणाली की व्यवस्था है जिसमे वोटों का वितरण सदस्यों के पूंजी अभिदान अनुपात के आधार पर किया जाता है.

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