बिहार में तय समय से पहले ही पूरे राज्य में शत प्रतिशत विद्युतीकरण कार्य पूरा

केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना के तहत बिहार में शत प्रतिशत विद्युतीकरण का लक्ष्य 31 दिसंबर 2018  तक रखा था. बिजली विभाग ने तय समय से दो महीने पहले ही इस लक्ष्य को हासिल कर लिया.

Created On: Oct 27, 2018 07:04 ISTModified On: Oct 27, 2018 08:04 IST

बिहार ने अपने तय समय से दो महीने पहले ही पूरे राज्य में विद्युतीकरण का कार्य पूरा कर लिया है. प्रधानमंत्री सौभाग्य स्कीम के तहत बिहार ने शत प्रतिशत विद्युतीकरण का काम पूरा कर लिया है.

केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा सौभाग्य योजना की वेबसाइट पर 25 अक्टूबर 2018 को जारी आंकड़ों के अनुसार बिहार के सभी एक करोड़ उनचालीस लाख तिरेसट हज़ार नौ सो नौ घरों में बिजली पहुंच गई है.

विद्युतीकरण पूरा करने का लक्ष्य:

केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना के तहत बिहार में शत प्रतिशत विद्युतीकरण का लक्ष्य 31 दिसंबर 2018  तक रखा था. बिजली विभाग ने तय समय से दो महीने पहले ही इस लक्ष्य को हासिल कर लिया. सौभाग्य योजना के तहत बिहार में करीब 32 लाख ऐसे घरों में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य दिया गया था जिसे पूरा कर लिया गया है.

केन्द्र सरकार की रिपोर्ट:

केन्द्र सरकार की रिपोर्ट के अनुसार बिहार ने अपने हर घर तक बिजली पहुंचाने में सफलता प्राप्त कर ली. इसके साथ ही बिहार देश के आठ राज्यों में शामिल हो गया जहां शत-प्रतिशत घरों तक बिजली पहुंची है. ये हैं आठ राज्य बिहार, मध्य प्रदेश, गुजरात, पंजाब, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, गोवा, पुडुचेरी में शत-प्रतिशत घरों में बिजली पहुंच चुकी है.

बिजली कंपनी द्वारा जांच:

बिजली कंपनी ने बिहार में सभी इच्छुक लोगों को कनेक्शन दे दिया है. हालांकि जिन गांवों में 100 प्रतिशत घरों में बिजली पहुंच चुकी है, वहां भी बिजली कंपनी जांच कर रही है कि कोई घर छूटा तो नहीं है.

सौभाग्य योजना के द्वारा आई तेजी:

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 25 सितंबर 2017 को ‘हर घर बिजली योजना’ की शुरुआत की थी. इसके तहत सौभाग्य योजना लागू हुई. केन्द्र सरकार ने बाद में बिहार मॉडल अपनाया. पिछले दिनों मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, भागलपुर और रोहतास जिले के ही कुछ हिस्से शेष बचे थे. प्रधान सचिव और बिजली कंपनी ने खुद इसकी मानिटरिंग शुरू की और तीन दिनों में ही यहां बिजली पहुंची.

अन्य राज्य:

उत्तर प्रदेश में बिजली कनेक्शन अभी भी लगभग 88 लाख घरों में बिजली नहीं पहुंची है. महाराष्ट्र में ऐसे घरों की संख्या लगभग 30 हजार से अधिक है और राजस्थान में सात लाख से भी अधिक हैं.

पहले चरण में बिहार:

पहले चरण में 28 दिसंबर 2017 को बिहार के सभी 39,073 गांवों में बिजली पहुंचा दी गयी थी. इसके बाद युद्धस्तर पर काम करके मई 2018 तक सभी 1,06,249 टोलों में बिजली पहुंचायी गयी. इसके बाद बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी पूरी तरह हर घर बिजली योजना तहत सभी घरों को कनेक्शन देने के काम में जुट गयी. इस बात की भी जांच की गयी कि कोई घर छूटा तो नहीं है. इस समय राज्य में बिजली की प्रतिदिन औसत खपत 4500 मेगावाट से अधिक है.

सौभाग्य योजना:

केंद्र सरकार ने सितंबर 2017 में ‘प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना’ (सौभाग्य) लांच किया था. इसका उद्देश्य 31 मार्च 2019 तक देश में सम्पूर्ण रूप से घरों के विद्युतीकरण लक्ष्य को हासिल करना था. इस योजना के लांच होने के बाद से राज्य के विद्युत विभागों तथा विद्युत वितरण कम्पनियों के सहयोग से 1.65 करोड़ घरों का विद्युतीकरण हुआ है.

यह योजना केंद्र सरकार की प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) का एक हिस्सा है. सौभाग्‍य एक ऐसी योजना है जिसमें 16,000 करोड़ रुपये का अनुमानित खर्च आएगा और इसमें से 25 प्रतिशत को इस परियोजना के लिए तैनात किए जाने वाले मानव संसाधन एवं उनके पारिश्रमिक पर खर्च किए जाने का अनुमान है.

यह भी पढ़ें: बिहार में महिलाओं की सहायता हेतु इंदिरा शक्ति एप्प लॉन्च किया गया

 

Take Weekly Tests on app for exam prep and compete with others. Download Current Affairs and GK app

एग्जाम की तैयारी के लिए ऐप पर वीकली टेस्ट लें और दूसरों के साथ प्रतिस्पर्धा करें। डाउनलोड करें करेंट अफेयर्स ऐप

AndroidIOS
Comment ()

Related Stories

Post Comment

3 + 8 =
Post

Comments