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बजट 2018-19: बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने वार्षिक बजट पेश किया

Mar 1, 2018 10:31 IST

बिहार के उपमुख्यमंत्री और वित्तमंत्री सुशील कुमार मोदी ने 27 फरवरी 2018 को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2018-19 का बजट पेश किया. सुशील कुमार मोदी ने 1.76 लाख का बजट पेश किया.

बिहार राज्य के 2018-19 के बजट में गांवों, स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि सेक्टर पर अधिक फोकस रहा है.

शिक्षा बजट में बढ़ोतरी की गई है. अब शिक्षा बजट के लिए 25 हजार करोड़ रुपए से बढ़ाकर 32 हजार 125 करोड़ 64 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है.

बजट से संबंधित मुख्य तथ्य:

•    2018-19 में कुल 1,580,52 करोड़ रुपए की राजस्व प्राप्ति का अनुमान लगाया गया है.

•    राज्य में टूरिजम को बढ़ावा देने के लिए 153.45 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है.

•    10,000 स्टूडेंट्स को सोलर लाइट दी जाएंगी.

•    पेंशन के लिए 15 हजार 828 करोड़ रुपए खर्च होंगे.

•    पर्यटन विभाग के लिए 153.45 करोड़ रुपए का प्रावधान.

•    बकाया वापसी के लिए 7 हजार 326 करोड़ रुपए का प्रावधान.

•    बिहार की विकास दर 10.3 फीसदी है जो कि देश की विकास दर से 3.3 फीसदी ज्यादा है.

•    राजस्व और भूमि सुधार पर 862.21 करोड़ रुपए, नगर विकास पर 4413.58 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे.

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•    उद्योग विभाग के लिए 622.04 करोड़, आपदा प्रबंधन के लिए 677.15 करोड़ रुपए का प्रावधान.

•    समाज कल्याण के लिए 10 हजार 188 करोड़ रुपए का प्रावधान.

•    हर घर में बिजली पहुंचाने के लिए राज्य सरकार 10,257.66 करोड़ रुपए खर्च करेगी. वहीं बजट में मंदिरों के लिए भी सरकार ने 30 करोड़ रुपए देने की बात कही है.

•    स्वास्थ्य पर 7,793 करोड़ रुपये खर्च होंगे.

•    बिहार के वित्त मंत्री सुशील कुमार मोदी ने अपने आठवें बजट में मद्य निषेध विभाग के लिए 184.75 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. बिहार में मद्य निषेध को प्रभावी ढंग से लागू करने हेतु उत्पाद विभाग के अन्वेषन को मजबूत किया जा रहा है.

 बजट 2018-19 की प्रमुख घोषणाएं:

वीडियो: इस सप्ताह के करेंट अफेयर्स घटनाक्रम जानने के लिए देखें

•    मुजफ्फरपुर जिले में तीन नये कृषि विज्ञान केंद्र बनेंगे.

•    जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार प्रति किसान 6000 रुपए देगी.

•    'हर घर नल का जल', बिजली, सड़क सरकार का लक्ष्य  है.

•    जिलों में एएनएम कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज की स्थाकपना की जायेगी.

•    राज्य  में कई नए पॉलिटेक्निक कॉलेज खोले जायेंगे.

•    इस बार बजट में निबंधन शुल्क में बढ़ोत्तरी की गई है.

•    राजगीर में 60 करोड़ रुपए खर्च कर चिड़ियाघर बनाया जाएगा.

•    1500 किलोमीटर सड़क निर्माण का कार्य कराया जाएगा.

•    सड़क निर्माण पर 17 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.

•    मेडिकल कॉलेजों की व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी.

•    दस हजार दो सौ संतावन करोड़ ऊर्जा के लिए खर्च किए जाएंगे.

•    तीस करोड़ मंदिरों की चहारदीवारी के निर्माण के लिए खर्च होंगे.

•    सभी मेडिकल कॉलेज में आई बैंक (Eye Bank ) खोले जाएंगे.

•    पटना के मोइन-उल-हक स्टेडियम को विकसित किया जाएगा.

•    ग्रामीण कार्य विभाग के लिए दस हजार पांच सौ पांच करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.

•    जयप्रकाश नारायण के गांव सितारबदियारा के लिए 85 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे.

•    प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 5,35000 घरों को मंजूरी दे दी गई है.

पृष्ठभूमि:

जीएसटी लागू होने के बाद राज्य का यह पहला बजट रहा. इस साल का बजट शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और गांवों के विकास पर पूरा फोकस रहा. वर्ष 2006 से पहले बिहार का बजट दो हिस्सों में आता था, मार्च में 4 महीने के लिए और जुलाई में 8 महीने के लिए. इस बार बजट में निबंधन शुल्क में बढ़ोत्तरी की गई है.

यह भी पढ़ें: बजट 2018-19: झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने वार्षिक बजट पेश किया



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