ब्रिक्स देश बहुपक्षीय सामाजिक सुरक्षा मसौदे हेतु उत्सुक, जानें विस्तार से

सामाजिक सुरक्षा समझौते से अंतरराष्ट्रीय श्रमिकों को अपनी कमाई का नुकसान किए बिना सामाजिक सुरक्षा लाभ को अपने देश ले जाने में मदद मिलेगी.

Created On: May 14, 2021 18:20 ISTModified On: May 14, 2021 18:20 IST

ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों ने श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा हेतु बहुपक्षीय सामाजिक सुरक्षा ढांचा तैयार करने की इच्छा जताई है. सामाजिक सुरक्षा समझौते से अंतरराष्ट्रीय श्रमिकों को अपनी कमाई का नुकसान किए बिना सामाजिक सुरक्षा लाभ को अपने देश ले जाने में मदद मिलेगी.

सामाजिक सुरक्षा समझौता उन अंतरराष्ट्रीय कर्मियों की मदद भी करेगा जो अपनी कमाई का फायदा अपने देश को मुहैया कराते हैं या वे अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा परिवार को भेजते हैं. इस समझौते के चलते वे अपनी कमाई से होने वाली दोतरफा कटौतियों से मुक्त हो जाएंगे.

ब्रिक्स की अध्यक्षता

बहुपक्षीय सामाजिक सुरक्षा ढांचा अंतरराष्ट्रीय श्रमिकों को इन देशों के बीच दोहरे योगदान से बचने में मदद करेगा. बैठक की अध्यक्षता भारतीय श्रम सचिव अपूर्वा चंद्रा ने की. भारत ने इस साल ब्रिक्स की अध्यक्षता ग्रहण की है.

सामाजिक सुरक्षा समझौता को बढ़ावा

इस बैठक के दौरान मुख्य रूप से ब्रिक्स देशों के बीच सामाजिक सुरक्षा समझौतों को बढ़ावा देने, श्रम बाजारों का स्वरूप, श्रम शक्ति में महिलाओं की भागीदारी और श्रम बाजार में गिग श्रमिकों की भूमिका पर चर्चा की गई.

ब्रिक्स के सदस्य देश

बैठक में ब्रिक्स के सदस्य देशों - ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के प्रतिनिधियों के अलावा अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) और अंतरराष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा एजेंसी (आईएसएसए) के प्रतिनिधि भी शामिल हुए. इतना ही नहीं अन्य विकसित देशों के कर्मी भी इस समझौते से लाभान्वित हो सकेंगे, जिनके देश में सामाजिक सुरक्षा का ढांचा मौजूद है. इससे ब्रिक्स देशों को दुनिया भर से प्रतिभाएं आकर्षित करने का मौका मिलेगा.

ब्रिक्स के बारे में

ब्रिक्स कोई अंतर्राष्ट्रीय अंतर-सरकारी संगठन नहीं है, न ही यह किसी संधि के तहत स्थापित हुआ है. इसे पाँच देशों का एकीकृत प्लेटफॉर्म कहा जा सकता है. ब्रिक्स का उद्देश्य अधिक स्थायी, न्यायसंगत और पारस्परिक रूप से लाभकारी विकास के लिये समूह के साथ-साथ, अलग-अलग देशों के बीच सहयोग को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाना है.

ब्रिक्स देशों में कई क्षेत्रों में आर्थिक सहयोग की गतिविधियों के साथ-साथ व्यापार और निवेश तेज़ी से बढ़ रहा है. ब्रिक्स देशों के सर्वोच्च नेताओं का तथा अन्य मंत्रिस्तरीय सम्मेलन प्रतिवर्ष आयोजित किये जाते हैं.

2009 में पहली बार इस समूह की डिप्‍लोमेटिक मीटिंग रूस में हुई. वहीं पर 16 जून 2009 को पहली बार औपचारिक रूप से BRIC शिखर सम्‍मेलन हुआ. इसकी बैठक की अध्यक्षता ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोल्सनारो ने की थी. BRICS देशों ने अपने देश की आर्थिक समृद्धि को सुनिश्चित करने के लिए भी बहुत से काम किये हैं.

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