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बजट 2019-20: कृषि क्षेत्र

अरुण जेटली की अनुपस्थिति में वित्त मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे पीयूष गोयल द्वारा बजट भाषण की शुरुआत बड़ी और महत्वपूर्ण घोषणाओं से की गई. बजट 2019 में किसानों और मध्यम वर्ग के लिए घोषणाएं की गईं.

Feb 1, 2019 15:48 IST
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केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने 01 फरवरी 2019 को लोकसभा में अंतरिम बजट (interim budget 2019) पेश कर दिया है. उन्होंने अंतरिम बजट पेश करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने महंगाई पर भी लगाम लगाई है.

अरुण जेटली की अनुपस्थिति में वित्त मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे पीयूष गोयल द्वारा बजट भाषण की शुरुआत बड़ी और महत्वपूर्ण घोषणाओं से की गई. बजट 2019 में किसानों और मध्यम वर्ग के लिए घोषणाएं की गईं.

बजट 2019-20 में कृषि क्षेत्र से संबंधित निम्नलिखित घोषणाएं की गई.

   बजट में ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ नाम की योजना को मंजूरी दी गई है.

   पीएम किसान सम्मान निधि के लिए 75000 करोड़ का पैकेज जारी किया गया है.

   योजना के तहत गरीब किसानों को, 2 हेक्टेयर तक की जमीन वालों को. उनके अकाउंट में प्रतिवर्ष 6 हज़ार रुपये दिए जायेंगे.

   इस कदम से 12 करोड़ किसानों को फायदा होगा. यह योजना 01 दिसंबर 2018 से लागू होगी.

   मछलीपालन और पशुपालन को प्रमोट करने के लि‍ए 10 हजार करोड़ के दो फंड बनाने का प्रस्ताव.

•   2000 करोड़ रुपये का कृषि बाजार और संरचना कोष बनाने की घोषणा.

   पशुपालन के लिए मछुआरो को ब्याज में 2% की छूट.

•   किसानों की उन्नति और आय वृद्धि के लिए, फसल का पूरा दाम दिलाने और आय दोगुनी करने की घोषणा के तहत एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) 50% की घोषणा.

   मनरेगा के लिए 60 हज़ार करोड़ रुपये का आवंटन दिया जायेगा, आवश्यकता पड़ने पर राशि बढ़ाई जा सकती है.

   प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए 19 हज़ार करोड़ रुपये आवंटित जो पिछली बार 15 हज़ार करोड़ रुपये थे.

   22वां एम्स हरियाणा में बनाया जायेगा. देश में अब तक 21 एम्स काम कर रहे हैं.

   सरकार पशुपालन को बढ़ावा देने के मकसद से किसान क्रेडिट कार्ड देगी, जिसमें गाय पालने वालों को हर महीने 500 रुपये दिए जाएंगे.

राष्ट्रीय कामधेनु आयोग:

बजट 2019 में राष्ट्रीय गोकुल मिशन के लिए आवंटन को बढ़ाकर 750 करोड़ रुपये कर दिया गया है. गायों के उत्पादन और उत्पादकता को बढ़ाने हेतु राष्ट्रीय कामधेनु आयोग के गठन की घोषणा की गई है. यह आयोग गायों के लिए कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा कल्याणाकारी स्कीमों पर नजर रखेगा.

प्राकृतिक आपदा:

गंभीर प्राकृतिक आपदा आने पर प्रभावित सभी किसानों को 2 फीसदी ब्याज सब्सिडी और उनके कर्जों के पुननिर्धारण की संपूर्ण अवधि के लिए तत्काल भुगतान के प्रोत्साहन के रूप में 3 फीसदी अतिरिक्त ब्याज सब्सिडी का लाभ दिया जाएगा.

मत्स्य पालन विभाग का गठन:

विश्व भर में भारत दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश है जिसकी वैश्विक उत्पादन में 6.3 फीसदी की हिस्सेदारी है. इस सेक्टर से लगभग 1.45 करोड़ लोगों को रोजगार मिला हुआ है और पिछले कुछ वर्ष में यह क्षेत्र 7 फीसदी की सालाना दर से बढ़ रहा है. सरकार ने इस सेक्टर के विकास पर नजर रखने हेतु मत्स्य पालन विभाग बनाने का निर्णय लिया है.

मजदूरों के लिए पेंशन योजना:

वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने अंतरिम बजट में प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन नाम से मजदूरों के लिए पेंशन योजना का घोषणा किया. इस योजना के तहत 15000 रुपये मासिक वेतन पाने वाले लोग इसका लाभ उठा पाएंगे. इसके लिए उन्हें हर महीने 100 रुपये का योगदान देना होगा. सरकार इस योजना के तहत 60 साल की उम्र पार कर चुके मजदूरों को प्रतिदिन 100 रुपये के हिसाब से हर महीने 3000 रुपये पेंशन के तौर पर देगी. इस योजना से 10 करोड़ लोगों को फायदा मिलेगा. श्रमयोगी मानधन स्कीम के लिए 500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए.

 

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