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बजट 2019-20: कर (टैक्स) प्रावधान और वित्तीय क्षेत्र

अरुण जेटली की अनुपस्थिति में वित्त मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे पीयूष गोयल द्वारा बजट भाषण की शुरुआत बड़ी और महत्वपूर्ण घोषणाओं से की गई.

Feb 1, 2019 14:45 IST

केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने 01 फरवरी 2019 को लोकसभा में अंतरिम बजट पेश कर दिया है. उन्होंने अंतरिम बजट पेश करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने महंगाई पर भी लगाम लगाई है.

अरुण जेटली की अनुपस्थिति में वित्त मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे पीयूष गोयल द्वारा बजट भाषण की शुरुआत बड़ी और महत्वपूर्ण घोषणाओं से की गई.

 

वित्त मंत्री द्वरा घोषित किये गये टैक्स से सम्बंधित तथ्य निम्नलिखित हैं:

   इनकम टैक्स छूट की सीमा 2.5 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दिया गया है. इसका मतलब है कि अगर आपकी टैक्सेबल इनकम 5 लाख रुपए है तो अगले वित्त वर्ष से उसे कोई टैक्स नहीं देना होगा.

   सरकार ने पोस्ट ऑफिस और बैंक से मिलने वाले टैक्स फ्री ब्याज की सीमा भी बढ़ा दी है. पहले 10,000 रुपए तक के बजट पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ता था. अब सरकार ने इसे बढ़ाकर 40,000 रुपए कर दिया है.

•   स्टैंडर्ड डिडक्शन को 40 हजार रुपए से बढ़ाकर 50 हजार रुपए कर दिया गया है.

•   घर किराए से आय पर टीडीएस की सीमा को 1.8 लाख रुपए से बढ़ाकर 2.4 लाख रुपए किया गया.

   इनकम टैक्स रिटर्न का निपटारा 24 घंटे के अंदर करने का घोषणा. रिफंड भी तुरंत मिलेगा.

   बैंक से 40 हजार तक के ब्याज पर लोन नहीं.

   दूसरा मकान खरीदने से टैक्स में राहत.

•   हादसे की सूरत में ईपीएफओ की बीमा 6 लाख

वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इनकम टैक्स से जुड़ी सभी समस्याओं का ऑनलाइन समाधान हो रहा है. सरकार ने 5 लाख तक की सालाना आय पर टैक्स में पूरी तरह से छूट दी है. लेकिन अगर आप 6.50 लाख तक की इनकम करते हैं तो भी आप टैक्स में पूरी छूट पा सकते हैं. इसके लिए आप एलआईसी, मेडिकल, पीएफ में निवेश कर सकते हैं.

 

कब से लागू होगा ये नियम:

ये नियम इस साल एक अप्रैल 2019 से प्रभावी होगा. लेकिन टैक्स छूट का फायदा आम लोगों को अगले वर्ष 2020-21 में आयकर रिटर्न भरने के दौरान मिल पाएगा. इसके अलावा ये अंतरिम बजट था.

वित्त मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार टैक्स भरने वालों की संख्या 80 फीसदी तक बढ़ी है. जिससे टैक्स कलेक्शन बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया. नोटबंदी के बाद एक करोड़ लोगों ने पहली बार टैक्स फाइल किया. नोटबंदी के बाद 1 लाख 36 हजार करोड़ रुपये का टैक्स मिला है.

 

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