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Cafe Coffee Day के मालिक वीजी सिद्धार्थ का शव बरामद, चल रहा था सर्च ऑपरेशन

वीजी सिद्धार्थ देश की सबसे बड़ी कॉफी चेन के संस्थापक तथा कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एसएम कृष्णा के दामाद भी थे. उनके लापता होने के बाद से ही पुलिस प्रशासन द्वारा उन्हें खोजने के लिए युद्ध स्तर पर अभियान चलाया गया था.

Jul 31, 2019 10:04 IST

Cafe Coffee Day के मालिक वीजी सिद्धार्थ का शव 31 जुलाई 2019 को नेत्रावती नदी के किनारे मिल गया है. पुलिस प्रशासन द्वारा उनके लापता होने के बाद से ही उन्हें खोजने के लिए युद्ध स्तर पर अभियान चलाया गया था.

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री (सीएम) एसएम कृष्णा के दामाद और कैफे कॉफी डे के संस्थापक वीजी सिद्धार्थ 29 जुलाई 2019 को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे. बताया जा रहा है कि वीजी सिद्धार्थ मंगलुरु में नेत्रवती नदी के पास से लापता हो गए थे.

पुलिसकर्मी, तटरक्षक बल, गोताखोर और मछुआरे सहित करीब 200 लोग नदी के उस इलाके में खोजबीन में लगे हुए थे जहां सिद्धार्थ के कूदने की आशंका था.

कैफे कॉफी डे (Café Coffee Day) के संस्थापक और मालिक वीजी सिद्धार्थ की एक चिट्ठी (Letter) सामने आई थी. वीजी सिद्धार्थ ने यह चिट्ठी कर्मचारियों को लिखा था. सिद्धार्थ ने चिट्ठी में कहा है कि हर वित्तीय लेनदेन (Financial transaction) मेरी जिम्मेदारी है तथा कानून के प्रति सिर्फ मैं जवाबदेह हूं.

कर्नाटक के मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने परिवार से की मुलाकात

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एसएम कृष्णा के दामाद वीजी सिद्धार्थ के लापता होने की खबर के बाद से ही बेंगलुरु निवास पर लोगों का आना शुरू हो गया था. कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा घटना की जानकारी मिलने के तुरंत बाद ही एसएम कृष्णा के आवास पर पहुंचे. उनके अचानक लापता होने से पूरा परिवार परेशान है. वे उस समय से लापता हैं जब वह मंगलुरू जा रहे थे.

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कौन हैं वीजी सिद्धार्थ?

वीजी सिद्धार्थ कर्नाटक प्रान्त के एक भारतीय व्यापारी थे. वे कैफे कॉफ़ी डे श्रृंखला (Café Coffee Day Chain) के संथापक के रूप में विशेष तौर से जाने जाते हैं. उन्‍होंने कर्नाटक के पूर्व मुख्‍यमंत्री एसएम कृष्‍णा की पुत्री से विवाह किया था. उन्‍होंने पोस्‍ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई करने के बाद मुंबई के जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड से करियर शुरू किया था.

सिद्धार्थ ने साल 2000 में ग्लोबल टेक्नॉलजी वेंचर्स लिमिटेड की स्थापना की थी. उन्‍होंने उसके साथ ही कैफे कॉफी डे (Cafe Coffee Day) चेन भी शुरू की थी. उन्हें चिकमंगलुरू की कॉफी को विश्व में लोकप्रिय बनाने का श्रेय भी जाता है.

सिद्धार्थ ने साल 1996 में पहला कॉफी कैफे डे (सीसीडी) बेंगलुरु में खोला था. उनके पास कॉफी उगाने हेतु कर्नाटक में करीब 12,000 एकड़ जमीन है. देशभर में मार्च 2019 तक सीसीडी के करीब 1,752 कैफे थे.

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