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वर्ष 2025 तक चीन हर साल बना सकता है 6 से 8 परमाणु रिएक्टर

चीन को उम्मीद है कि वह फिर से विकास-पथ पर लौट आयेगा और वर्ष 2035 तक अपनी कुल क्षमता लगभग 200 गीगावॉट निर्माणाधीन या परिचालन में हासिल कर लेगा.

Jul 10, 2020 16:15 IST
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चीन की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन की वर्ष 2020 और 2025 के बीच प्रति वर्ष 6 से 8 परमाणु रिएक्टर बनाने की योजना है और मई 2020 के अंत तक अपनी कुल क्षमता को लगभग 43.5 प्रतिशत अर्थात 70 गीगावॉट करने की योजना है.

चीन के परमाणु ऊर्जा संघ के अनुसार, वर्ष 2020 तक देश की कुल स्थापित परमाणु क्षमता 52 गीगावॉट होगी. वर्ष 2020 के लिए पहले निर्धारित लक्ष्य 58 गीगावॉट था.

हालांकि, परमाणु ऊर्जा संघ ने पुष्टि की है कि, चीन को उम्मीद है कि वह फिर से विकास-पथ पर लौट आयेगा और वर्ष 2035 तक अपनी कुल क्षमता लगभग 200 गीगावॉट निर्माणाधीन या परिचालन में हासिल कर लेगा. 

मुख्य विशेषताएं 

• चीनी अधिकारियों द्वारा वर्ष 2019 में 06 नए परमाणु रिएक्टरों को बनाने की मंजूरी दी गई थी.

• वर्ष 2020 में, किसी भी नए परमाणु रिएक्टर को मंजूरी नहीं दी गई, जिससे निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने में अधिक देरी हुई. हालांकि, चीनी अधिकारियों ने यह भी कहा है कि, कोरोना वायरस के प्रकोप से देश के परमाणु उद्योग प्रभावित नहीं होगा.

• मई 2020 के अंत में, राष्ट्रीय ऊर्जा प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, चीन की परमाणु क्षमता 48.8 गीगावॉट थी, जो इसकी कुल उत्पादन क्षमता का 2.5 प्रतिशत है.

महत्व

पहले से अपरीक्षित तकनीक से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं में देरी के कारण चीन की परमाणु ऊर्जा महत्वाकांक्षाओं पर रोक लगी हुई थी. वर्ष 2011 में जापान की फुकुशिमा आपदा के बाद नए अनुमोदन पर चार साल तक पाबंदी लगी थी और यह पाबंदी एक बड़े भूकंप और उसके बाद सुनामी के कारण और बढ़ गई.  

चीन की परमाणु शक्ति: पृष्ठभूमि

• मुख्यभूमि चीन में इस समय 45 परमाणु ऊर्जा रिएक्टर अपना काम कर रहे हैं, 12 निर्माणाधीन और कई अन्य रिएक्टरों का निर्माण शुरू होने वाला है. चीन की सरकार का लक्ष्य वर्ष 2020 तक अपनी परमाणु क्षमता को, निर्माणाधीन 30 गीगावॉट के साथ 58 गीगावॉट करना है.

• कोयले से चलने वाले संयंत्रों से वायु प्रदूषण के कारण चीन में परमाणु ऊर्जा प्राप्त करने पर अत्यधिक  ध्यान केंद्रित है. यह राष्ट्र परमाणु रिएक्टर के डिजाइन और निर्माण के साथ-साथ ईंधन चक्र के अन्य पहलुओं में काफी हद तक आत्मनिर्भर है.  

• मुख्य चीन के अधिकांश हिस्से में बिजली कोयले जैसे जीवाश्म ईंधन से पैदा होती है. जबकि वर्ष 2019 में पवन और सौर क्षमता कुल स्थापित उत्पादन क्षमता का लगभग 21 प्रतिशत थी, जिसमें से  9 प्रतिशत से कम बिजली की आपूर्ति हो रही थी और कुल बिजली का कम से कम 69 प्रतिशत उत्पादन करने के लिए कोयले का उपयोग किया गया था. 

• बिजली की खपत में वृद्धि से बिजली की कमी हुई है और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता वायु प्रदूषण का एक बड़ा कारण बन रही है और यह वायु प्रदूषण, कुल GDP के लगभग 6 प्रतिशत तक आर्थिक नुकसान का कारण बना हुआ है.

• अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के अनुसार, वर्ष 2012 के बाद से, चीन सबसे बड़ी स्थापित बिजली क्षमता वाला देश रहा है और इसने अपनी क्षमता को 85% तक बढ़ा लिया है जिसके बाद वर्ष 2019 में 2011 गीगावॉट(इ) तक पहुंचने का लक्ष्य रखा जोकि वैश्विक स्तर पर लगभग एक चौथाई क्षमता है.

• नवंबर 2014 में, चीनी प्रीमियर ने वर्ष 2030 तक गैर-जीवाश्म ईंधन से अपनी प्राथमिक ऊर्जा खपत का कम से कम 20% हासिल करने के लिए देश के इरादे की घोषणा की थी. 

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