Search

चीन के बंद पड़े स्पेस स्टेशन का मलबा जल्द ही पृथ्वी पर गिर सकता है: वैज्ञानिक

तियांगोंग-1 चीन के महत्वकांक्षी अंतरिक्ष कार्यक्रम का हिस्सा था. इसे चीन के 2022 में अंतरिक्ष में मानव स्टेशन स्थापित करने के लक्ष्य का पहला चरण भी माना जाता है.

Apr 1, 2018 11:01 IST
facebook IconTwitter IconWhatsapp Icon

चीन के बंद पड़े स्पेस स्टेशन ‘तियांगोंग-1’ अनियंत्रित हो चुका है और अब यह धरती की ओर बढ़ रहा है. बताया जा रहा है कि यह एक अप्रैल से दो अप्रैल के बीच धरती पर गिर सकता है.

तियांगोंग-1 चीन के महत्वकांक्षी अंतरिक्ष कार्यक्रम का हिस्सा था. इसे चीन के 2022 में अंतरिक्ष में मानव स्टेशन स्थापित करने के लक्ष्य का पहला चरण भी माना जाता है.

इसे साल 2011 में अंतरिक्ष में भेजा गया था और पांच साल बाद इसने अपने मिशन को पूरा कर लिया. इसके बाद यह अनुमान लगाया जा रहा था कि वापस पृथ्वी पर गिर जाएगा.

CA eBook


यह कितना नुकसान करेगा?

•    अधिकतर स्पेस स्टेशन अंतरिक्ष में जल कर नष्ट हो जाते हैं, लेकिन कुछ मलबे अपनी स्थिति में बने रहते हैं, जिसे पृथ्वी पर गिरने का डर होता है.

•    अधिकतर मलबा पृथ्वी की तरफ़ आते हैं और यह समुद्री या आबादी वाले इलाक़ों से दूर जल कर राख हो जाते हैं.

•    धरती पर गिरते समय इसके ज्यादातर हिस्से जल जाएंगे. जिससे विमानन गतिविधि प्रभावित नहीं होगी और नाहीं तो किसी का कुछ नुकसान होगा.

 


तियांगोंग-1 क्या है?

•    तियांगोंग -1 चीन का पहला स्पेस स्टेशन है. वर्ष 2011 में तियांगोंग-1 के साथ चीन का स्पेस स्टेशन कार्यक्रम की शुरुआत हुई. एक छोटा स्पेस स्टेशन वैज्ञानिकों को कुछ दिनों के लिए अंतरिक्ष ले जाने में सक्षम था.

•    इसके बाद 2012 में चीन की पहली महिला यात्री लियू यांग अंतरिक्ष गईं. इसने तय समय के दो साल बाद मार्च 2016 में काम करना बंद कर दिया.

•    फिलहाल तियांगोंग 2 अंतरिक्ष में काम कर रहा है और वर्ष 2022 तक चीन इसका तीसरा संस्करण अंतरिक्ष में भेजेगा, जिसमें वैज्ञानिक रह सकेंगे.

•    चीन ने वर्ष 2001 में अंतरिक्ष में जहाज भेजना शुरू किया और परीक्षण के लिए जानवरों को इसमें भेजा. इसके बाद 2003 में चीनी वैज्ञानिक अंतरिक्ष पहुंचे.

सोवियत संघ और अमरीका के बाद चीन ऐसा करने वाला तीसरा देश था.

कई स्पेस क्राफ्ट पहले गिर चुके हैं:

यह पहला ऐसा मौका नहीं है, जब कोई अंतरिक्ष यान धरती पर गिरेगा. इससे पहले स्काईलैब, सैल्यूट 7 और दुनिया का पहला स्थाई अंतरिक्ष स्टेशन 'मीर' भी अनियंत्रित होकर पृथ्वी पर गिरे हैं.

पृष्ठभूमि:

गौरतलब है कि साढ़े आठ टन वजन वाला यह स्पेस स्टेशन वर्ष 2016 में ही अपना नियंत्रण खो चुका था, जिसके बाद से यह लगातार पृथ्वी की ओर गिर रहा है. यह यान 6 किलोमीटर प्रति हफ्ते की रफ्तार से धरती की ओर गिर रहा है. चीन ने इस स्पेस क्राफ्ट को वर्ष 2011 में लॉन्च किया था.

यह भी पढ़ें: पाकिस्तान ने सबमरीन क्रूज मिसाइल 'बाबर' का परीक्षण किया, जानिए क्या है इसकी खासियत