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रक्षा अधिग्रहण परिषद ने 22,800 करोड़ रुपये मूल्य के सैन्य सामान की खरीद को मंजूरी दी

रक्षा अधिग्रहण परिषद ने मेक-इन-इंडिया पहल को बढ़ावा देने हेतु थर्मल इमेजिंग नाईट साइट्स के डिजाइन, विकास और निर्माण को भी मंजूरी दी. इसका निर्माण निजी क्षेत्र में स्‍वदेशी कंपनियां करेंगी.

Nov 29, 2019 09:50 IST
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रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने हाल ही में तीनों सेनाओं के लिए 22,800 करोड़ रुपये मूल्‍य के पूंजीगत सामान की खरीद को मंजूरी दे दी है. यह बैठक रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्‍यक्षता में हुई.

रक्षा अधिग्रहण परिषद ने मेक-इन-इंडिया पहल को बढ़ावा देने हेतु थर्मल इमेजिंग नाईट साइट्स के डिजाइन, विकास और निर्माण को भी मंजूरी दी. इसका निर्माण निजी क्षेत्र में स्‍वदेशी कंपनियां करेंगी.

डीएसी द्वारा जिन अन्‍य उपकरणों की खरीद की मंजूरी दी गई है उनमें लांग मीडियम रेंज एंटी-सबमरीन वॉर-फेयर एयर-क्राफ्ट तथा दो इंजन वाले हैवी हेलीकॉप्‍टर शामिल हैं. डीएसी ने ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देने के लिए यह मंजूरी दी.

थर्मल इमेजिंग नाईट साइट्स के बारे में

रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) के अनुसार, ‘थर्मल इमेजिंग नाइट साइट्स’ का विनिर्माण भारत के निजी उद्योग द्वारा किया जाएगा. इसका उपयोग अग्रिम मोर्चे पर तैनात सैनिकों द्वारा किया जाएगा.

थर्मल इमेजिंग नाइट साइट्स से सैनिकों को अंधेरे के साथ-साथ हर तरह के मौसम में लम्‍बी दूरी से सटीक निशाना लगाने में सहायता मिलेगी. इससे सैनिकों को रात्रि में भी बड़ी तत्‍परता के साथ जंग करने की क्षमता काफी बढ़ जाएगी.

मुख्य बिंदु

• डीएसी ने सफल स्‍वदेशी ‘एयरबॉर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (एईडब्‍ल्‍यूएंडसी)’ कार्यक्रम के बाद अतिरिक्‍त एयरबॉर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्‍टम (एडब्‍ल्‍यूएसीएस) इंडिया एयरक्राफ्ट की खरीद हेतु आवश्‍यकता की स्‍वीकार्यता को दोबारा सत्यापित किया.

• रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा इन विमानों हेतु मिशन प्रणालियों और उप-प्रणालियों की स्‍वदेश में ही डिजाइनिंग की जाएगी और फिर इनका विकास किया जाएगा. इन विमानों को बाद में मुख्‍य प्‍लेटफॉर्म पर इन्‍हें एकीकृत किया जाएगा.

• ये प्‍लेटफॉर्म विमान पर ही कमांड एवं कंट्रोल तथा ‘पूर्व चेतावनी’ सुलभ कराएंगे. इससे भारतीय वायु सेना (आईएएफ) को हवाई क्षेत्र में कम से कम समय में प्रभावकारी वर्चस्व सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी.

• हमारे देश की सीमाओं पर इन प्रणालियों को शामिल करने से कवरेज बढ़ जाएगी. इससे भारतीय वायु सेना की हवाई रक्षा एवं आक्रामक क्षमता दोनों को ही काफी हद तक बढ़ाने में सहायता मिलेगी.

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अन्य मंजूरी

डीएसी ने नौसेना हेतु मध्‍यम दूरी वाले ‘पनडुब्बी-रोधी युद्ध पी8 I’ विमान की खरीद को भी मंजूरी दे दी है. इन विमानों से समुद्री तटों की निगरानी और एंटी-सरफेस वेसल (एएसवी) से हमले करने की क्षमता काफी हद तक बढ़ जाएगी.

डीएसी ने भारतीय तटरक्षक हेतु ‘ट्विन इंजन हैवी हेलिकॉप्टर (टीईएचएच)’ की खरीद को भी स्‍वीकृति दे दी है. इन विमानों से तटरक्षक को समुद्र में आतंकवाद की रोकथाम करने तथा समुद्री मार्गों के जरिए आतंकवादियों की घुसपैठ रोकने में मदद मिलेगी.    

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