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CPSEs के मौद्रीकरण में तेज़ी लाने हेतु एक विशेष विभाग स्थापित करने की घोषणा

वित्त मंत्री की अध्यक्षता में विनिवेश पर वैकल्पिक तंत्र द्वारा नीति आयोग की रिपोर्ट ली जाएगी, जिसके बाद CPSEs और संबंधित प्रशासनिक मंत्रालय मौद्रीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे.

Mar 6, 2019 11:11 IST

वित्त मंत्रालय ने हाल ही में केंद्र सरकार के स्वामित्व वाली कंपनियों (CPSEs) की गैर-प्राथमिक परिसंपत्तियों के मौद्रीकरण में तेज़ी लाने हेतु निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के तहत एक विशेष सेल स्थापित करने की योजना बनाई है.

यह केंद्र सरकार की गैर-प्राथमिक परिसंपत्तियों, मुख्य रूप से भूमि और भवन, के मौद्रीकरण के लिये प्रक्रिया और तंत्र अपनाने की समग्र योजनाओं का एक हिस्सा है. नीति आयोग पहले से ही इस प्रकार की लगभग 35 कम्पनियों  की पहचान कर चुका है जो मुक्त बाज़ार में एकमुश्त बिक्री के लिये जा सकते हैं.

घोषणा के प्रमुख बिंदु

•    इसके तहत नीति आयोग द्वारा सीपीएसई कम्पनियों की गैर-प्राथमिक परिसंपत्तियों की सूची तैयार की जाएगी.

•    इस सूची पर परामर्शदाता समूह के साथ चर्चा के बाद परिसंपत्तियों को अलग-अलग कर बेचा जा सकता है.

•    इस समूह में प्रशासनिक मंत्रालयों, आर्थिक मामलों के विभाग, निवेश विभाग और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन के अधिकारी शामिल हैं.

•    वित्त मंत्री की अध्यक्षता में विनिवेश पर वैकल्पिक तंत्र द्वारा नीति आयोग की रिपोर्ट ली जाएगी, जिसके बाद CPSEs और संबंधित प्रशासनिक मंत्रालय मौद्रीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे.

•    संपत्ति मौद्रीकरण विभाग उन लोगों की अचल संपत्ति की बिक्री से संबंधित मामलों को भी देखेगा जो अब भारत के नागरिक नहीं हैं अथवा चीन या पाकिस्तान जैसे देशों में निवास करने लगे हैं.

पृष्ठभूमि

गैर-प्राथमिक परिसंपत्तियाँ ऐसी संपत्तियाँ हैं जो या तो आवश्यक नहीं हैं या कंपनी के व्यावसायिक कार्यों में उपयोग नहीं की जाती हैं. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में रणनीतिक विनिवेश और शत्रु संपत्ति के कस्टोडियन के तहत अचल संपत्तियों के मौद्रीकरण के लिये संस्थागत ढांचा तैयार करने की मंजूरी दी है. इसके अलावा सीपीएसई परिसंपत्तियों के मौद्रीकरण की योजना वित्त मंत्रालय की रही है जिसके तहत नीति आयोग इन कपनियों की प्रत्येक गैर-प्राथमिक परिसंपत्तियों की सूची तैयार करेगा.

निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM)


•    14 अप्रैल, 2016 से विनिवेश विभाग का नाम बदलकर निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) कर दिया गया.

•    केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में इक्विटी के विनिवेश सहित इक्विटी में केंद्र सरकार के निवेश से संबंधित सभी मामले DIPAM देखता है.

•    बिक्री या निजी प्लेसमेंट या पूर्ववर्ती केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में केंद्र सरकार की इक्विटी की बिक्री से संबंधित सभी मामले भी DIPAM के तहत आते हैं.

 

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