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एलन मस्क ने पहली बार ‘लूप’ परियोजना पर जानकारी सार्वजनिक की

लूप अथवा हाइपरलूप परिवहन की एक ऐसी तकनीक है जिसमें बड़े-बड़े पाइपों के अंदर निर्वात तैयार कर पॉड जैसे वाहन में बैठकर 1000 से लेकर 1300 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से यात्रा की जा सकती है.

May 18, 2018 11:14 IST
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प्रसिद्ध स्पेस एक्स कंपनी के मालिक एलन मस्क ने हाल ही में ‘लूप’ परियोजना पर जानकारी साझा की तथा बताया कि यह प्रोजेक्ट समाप्ति की ओर है तथा जल्द ही आम लोगों के लिए निःशुल्क डेमो हेतु इसे आरंभ किया जायेगा.

एलन मस्क द्वारा इनस्टाग्राम पर एक विडियो शेयर की गई जिसमें टनल की कार्यप्रगति के बारे में दिखाया गया है. एलन मस्क द्वारा 2016 में टनल (सुरंग) का भविष्य तलाशने के लिए द बोरिंग कंपनी की स्थापना की गई थी.

लूप परियोजना के बारे में

•    लूप अथवा हाइपरलूप परिवहन की एक ऐसी तकनीक है जिसमें बड़े-बड़े पाइपों के अंदर वैक्यूम या निर्वात जैसा माहौल तैयार कर वायु की अनुपस्थिति में पॉड जैसे वाहन में बैठकर 1000 से लेकर 1300 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से यात्रा की जा सकती है.

•    ट्यूब्स के अंदर निर्वात पैदा करने से वायु द्वारा उत्पन्न प्रतिरोध समाप्त हो जाता है, जिससे पॉड को इतनी तेज़ गति से चलाया जा सकता है.

•    इन ट्यूब्स के अंदर ट्रेन या पॉड को लेविटेशन उत्तोलन द्वारा चलाया जाता है.

•    लेविटेशन तकनीक के अंतर्गत ट्रेन को बड़े-बड़े इलेक्ट्रिक चुंबकों के ऊपर चलाया जाता है.

•    इसमें चुंबकीय शक्ति के प्रभाव से ट्रेन थोड़ी ऊपर उठ जाती है और अधिक तेज़ गति से ट्रैक के ऊपर चलती है.`

भारत के संदर्भ में लूप परियोजना

इस तकनीक में अग्रणी विभिन्न कंपनियों ने भारत में विभिन्न मार्गों पर हाइपरलूप के निर्माण का प्रस्ताव रखा है. डिनक्लिक्स ग्राउंडवर्क्स कंपनी ने दिल्ली-मुंबई मार्ग पर, ऐकॉम ने बेंगलुरु-चेन्नई मार्ग पर हाइपरलूप के निर्माण में रूचि जताई है. इस तकनीक को परिवहन ढाँचे में समाविष्ट करके भारत में यात्रा के समय की बचत की जा सकती है. साथ ही यह देश के व्यस्त रहने वाले रेलवे और वायुमार्ग पर दबाव कम करेगा.

 

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