जी-7 शिखर सम्मेलन: कोरोना वैक्सीन की 100 करोड़ डोज़ दान करेंगे विश्व के अमीर देश

इस सम्मेलन में ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा, जापान, जर्मनी, फ्रांस, इटली और यूरोपीय संघ शामिल हैं. शिखर सम्मेलन में भारत, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका को अतिथि देशों के रूप में आमंत्रित किया गया है.

Created On: Jun 11, 2021 15:46 ISTModified On: Jun 11, 2021 15:53 IST

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने उम्मीद जताई है कि जी-7 देश दुनिया के गरीब देशों को कोरोना वैक्सीन की लगभग 100 करोड़ डोज़ देने के लिए राज़ी हो जायेंगे ताकि वो अपने यहाँ टीकाकरण अभियान तेज़ कर सकें. ब्रिटेन ने घोषणा की है कि ग्रुप ऑफ सेवन (G7) साल 2022 के अंत तक दुनिया को कोरोना वैक्सीन की 100 करोड़ डोज प्रदान करेगा.

ब्रिटेन इस शिखर सम्मेलन की दक्षिण-पश्चिम इंग्लैंड में मेजबानी कर रहा है. इस सम्मेलन में ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा, जापान, जर्मनी, फ्रांस, इटली और यूरोपीय संघ शामिल हैं. शिखर सम्मेलन में भारत, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका को अतिथि देशों के रूप में आमंत्रित किया गया है.

प्रधानमंत्री मोदी सत्र को संबोधित करेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-7 (ग्रुप ऑफ सेवन) शिखर सम्मेलन के संपर्क (आउटरीच) सत्रों को 12 और 13 जून को संबोधित करेंगे. वे ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के आमंत्रण पर डिजिटल माध्यम से इस सम्मेलन में शिरकत करेंगे. यह दूसरा मौका होगा जब प्रधानमंत्री जी-7 की बैठक में शामिल होंगे। वर्ष 2019 में फ्रांस की अध्यक्षता में हुए जी-7 के शिखर सम्मेलन में भारत को आमंत्रित किया गया था.

37 लाख से ज्यादा लोगों की मौत

दुनिया भर में अब तक कोरोना की चपेट में आने से 37 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई है. इसके अतिरिक्त इस बैठक में कोरोना वैक्सीन और जलवायु परिवर्तन पर भी चर्चा होगी.

प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने क्या कहा?

सात राष्ट्रों का समूह जी7 पूरी दुनिया के साथ कोरोना वायरस के टीकों की कम से कम एक अरब खुराकें साझा करने का संकल्प लेगा. ये घोषणा ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने की है. इनमें से लगभग आधी खुराकें अमेरिका दान देगा जबकि 10 करोड़ खुराकें ब्रिटेन की तरफ से दी जाएंगी.

वैक्सीन पर चर्चा

इससे पहले राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा था कि कि अमेरिका 50 करोड़ वैक्सीन दान करेगा. इसका लाभ दुनिया के 92 देशों को मिलने वाला है. ये वैक्सीन कोवैक्स के जरिए गरीब देशों को दी जाएगी. इसके अतिरिक्त अफ्रीकी संघ को भी मुफ्त में वैक्सीन दिए जाएंगे. इसके लिए अमेरिका फाइजर के टीके की 50 करोड़ खुराकें खरीदेगा. टीके की 20 करोड़ खुराकें इस साल दान दी जाएंगी जबकि बाक़ी खुराकें 2022 के पहले छह महीनों के दौरान दान दी जाएंगी.

जलवायु परिवर्तन को लेकर चिंता

जलवायु परिवर्तन को लेकर चिंता के बीच अलग-अलग देशों के 70 से अधिक मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (सीईओ) ने 10 जून को विकसित देशों के समूह जी-7 के नेताओं से विभिन्न क्षेत्रों के बीच मजबूत सहयोग पर चर्चा की. इसके जरिए जरिये शुद्ध रूप से शून्य कार्बन उत्सर्जन व्यवस्था की दिशा में ठोस और तेजी से कदम उठाने का आग्रह किया.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, कोरोना संक्रमण को बढ़ने से रोकने के लिए दुनिया की 70 प्रतिशत आबादी को वैक्सीन दी जानी ज़रूरी है जिसके लिए कम से कम 1100 करोड़ डोज़ जुटानी होंगी.

जी-7 शिखर सम्मेलन

जी-7 अर्थात ‘ग्रुप ऑफ सेवन’ (Group of Seven) फ्राँस, जर्मनी, इटली, यूनाइटेड किंगडम, जापान, संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा जैसे देशों का एक समूह है. यह एक अंतर सरकारी संगठन है. इसे वर्ष 1975 में उस समय की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं द्वारा विश्व के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने के लिये एक अनौपचारिक मंच के रूप में गठित किया गया था. जी-7 देशों के राष्ट्राध्यक्ष वार्षिक शिखर सम्मेलन में मिलते हैं जिसकी अध्यक्षता सदस्य देशों के नेताओं द्वारा एक ‘रोटेशनल बेसिस’ पर की जाती है.

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