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बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता गिरीश कर्नाड का निधन, जाने विस्तार से

गिरीश कार्नाड का जन्म 19 मई 1938 को महाराष्ट्र के माथेरान में हुआ था. गिरीश कार्नाड एक जाने माने समकालीन लेखक, अभिनेता, फ़िल्म निर्देशक और नाटककार थे.

Jun 10, 2019 10:53 IST

बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता गिरीश कर्नाड का 10 जून 2019 को निधन हो गया. वे 81 साल के थे. गिरीश कर्नाड पिछले कई दिनों से बीमार थे. गिरीश कर्नाड ने सलमान खान की फिल्म 'एक था टाइगर' और 'टाइगर जिंदा है' में भी काम किया था.

वे दस बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीत चुके हैं. उन्हें दक्षिण भारतीय रंगमंच और फिल्मों का पितामह माना जाता था. गिरीश कर्नाड भारत में आठ जननपीठ सम्मान पाने वाले लोगों में से एक थे. उनके द्वारा लिखे गए - हयावदना, ययाति, तुगलक जैसे नाटक को बतौर सिलेबस कर्नाटक और अन्य दूसरे राज्यों में पढ़ाया जाता है.

गिरीश कार्नाड के बारे में:

•   गिरीश कार्नाड का जन्म 19 मई 1938 को महाराष्ट्र के माथेरान में हुआ था. गिरीश कार्नाड एक जाने माने समकालीन लेखक, अभिनेता, फ़िल्म निर्देशक और नाटककार थे.

•   उन्हें भारत के जाने-माने समकालीन लेखक, अभिनेता, फिल्म निर्देशक और नाटककार के तौर पर भी जाना जाता था. गिरीश कर्नाड के निधन से बॉलीवुड में शोक का माहौल है.

•   गिरीश कर्नाड की हिंदी के साथ-साथ कन्नड़ और अंग्रेजी भाषा पर भी अच्छी खासी पकड़ थी. उन्होंने साल 1958 में धारवाड़ स्थित कर्नाटक विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया.

•   वे इसके बाद एक रोड्स स्कॉलर के रूप में इंग्लैंड चले गए. वे शिकागो विश्वविद्यालय के फुलब्राइट महाविद्यालय में विज़िटिंग प्रोफेसर भी रह चुके हैं.

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पुरस्कार सम्मान:

गिरीश कर्नाड को साल 1994 में साहित्य अकादमी पुरस्कार, साल 1998 में ज्ञानपीठ पुरस्कार, साल 1974 में पद्म श्री, साल 1992 में पद्म भूषण, साल 1972 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, साल 1992 में कन्नड़ साहित्य अकादमी पुरस्कार, साल 1998 में ज्ञानपीठ पुरस्कार और साल 1998 में उन्हें कालिदास सम्मान से सम्‍मानित किया गया है.

गिरीश कर्नाड बॉलीवुड में:

•   गिरीश कर्नाड ने बॉलीवुड के अतिरिक्त साउथ की भी कई फिल्मों में काम किया. गिरीश कर्नाड की आखिरी फिल्म सलमान खान के साथ 'टाइगर जिंदा है' था.

•   गिरीश कर्नाड शुरुआत से ही थिएटर में काम करते थे. गिरीश कर्नाड को साल 1978 में रिलीज हुई फिल्म 'भूमिका' के लिए नेशनल अवॉर्ड मिला था. उन्हें साल 1998 में साहित्य के प्रतिष्ठित ज्ञानपीठ अवॉर्ड से नवाजा गया था. गिरीश कर्नाड को कर्मशिल सिनेमा में काम करने हेतु भी जाना जाता है.

•   गिरीश कर्नाड ने साल 1970 में कन्नड़ फिल्म 'संस्कार' से अपना एक्टिंग और स्क्रीन राइटिंग डेब्यू किया था. इस फिल्म ने कन्नड़ सिनेमा का पहला प्रेजिडेंट गोल्डन लोटस अवार्ड जीता था. बॉलीवुड में उनकी पहली फिल्म साल 1974 में आई 'जादू का शंख' थी.

•   गिरीश कर्नाड ने बॉलीवुड फिल्म निशांत (1975), शिवाय और चॉक एन डस्टर में भी काम किया था. गौरतलब है कि साल 1960 के दशक में उनके ‘यायाती’ (1961), ऐतिहासिक ‘तुगलक’ (1964) जैसे नाटकों को समालोचकों ने सराहा था, जबकि उनकी तीन महत्वपूर्ण कृतियां ‘हयवदना’(1971), ‘नगा मंडला’(1988) और ‘तलेडेंगा’(1990) ने अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त की.

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