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बधिरों के लिए शब्दकोश के दूसरे संस्करण को लॉन्च किया गया

आईएसएल शब्दकोश ईएसएलआरटीसी के यू-ट्यूब चैनल पर भी उपलब्ध है. यू-ट्यूब चैनल में लगभग 1000 वीडियो है.

Feb 28, 2019 10:35 IST
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केन्द्रीय सामाजिक न्याय और आधिकारिता मंत्री थावरचंद गेहलोत ने 27 फरवरी 2019 को बधिर लोगों के लिए आईएसएल (इंडियन साईन लेंग्वेज) शब्दकोश के दूसरे संस्करण को लॉन्च किया. इस शब्दकोश को इंडियन साईन लेंग्वेज रिसर्च एंड ट्रेनिंग सेंटर (आईएसएलआरटीसी) ने तैयार किया है, जो सामाजिक न्याय व आधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के अंतर्गत कार्य करता है.

आईएसएलआरटीसी शब्दकोश निर्माण के लिए 7-9 फरवरी, 2018 और 22-24 जनवरी, 2019 को दो कार्यशाला आयोजित की गई थी। इसमें पूरे देश के बधिर प्रतिभागियों ने अपने सुझाव रखे थे।

बधिरों के लिए शब्दकोश की विशेषताएं

•    शब्दकोश में शिक्षा, कानून, चिकित्सा, तकनीक आदि विषयों के 6000 शब्द हैं.

•    आईएसएल शब्दकोश ईएसएलआरटीसी के यू-ट्यूब चैनल पर भी उपलब्ध है. यू-ट्यूब चैनल में लगभग 1000 वीडियो है.

•    इससे पूर्व 3000 शब्दों वाले पहले संस्करण को 23 मार्च, 2018 को लॉन्च किया गया था.

•    यह शब्दकोश आईएसएल शिक्षकों, आईएसएल छात्रों, भाषा संकेतकों ,बधिर व्यक्तियों और शोध करने वालों के लिए बहुत उपयोगी सिद्ध होगा.

•    इस शब्दकोश को बधिर समुदाय के लोगों के सुझावों और समझ के आधार पर तैयार किया गया है. इसमें अंग्रेजी और हिन्दी संकेतों की सूची भी दी गई है.

•    इससे कोई भी व्यक्ति इस शब्दकोश को पढ़कर मूक-बधिरों के संकेतों को समझ सकेगा और उनसे संवाद स्थापित कर सकेगा.

•    सांकेतिक भाषा के प्रत्येक संकेत को एक स्केच या कार्टून के माध्यम से बताया जायेगा साथ ही उसे शब्दों और वाक्यों में भी बताया जायेगा.

बधिरों के लिए शब्दकोश की आवश्यकता

वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में 50.71 लाख बधिर व्यक्ति हैं. शब्दकोश निर्माण का लक्ष्य आईएसएल के उपयोग को बढ़ाना और बधिर व्यक्तियों को शिक्षा तथा रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करना है.

 

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