5G स्पेक्ट्रम: सभी कंपनियों को ट्रायल हेतु 5जी स्पेक्ट्रम देगी सरकार

डिजिटल संचार आयोग (डीसीसी) ने 20 दिसंबर को 5.22 लाख करोड़ रुपए की स्पेक्ट्रम नीलामी योजना को मंजूरी दी है. परिचालन समिति के अनुसार 5जी सेवा देश में चौथी औद्योगिक क्रांति लाने में उत्प्रेरक का काम करेगा तथा भारत को वैश्विक आर्थिक शक्ति बनाने में मददगार साबित होगा. 

Created On: Dec 31, 2019 14:51 ISTModified On: Dec 31, 2019 14:58 IST

केंद्रीय दूरसंचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने 30 दिसंबर 2019 को कहा कि सरकार ने सभी दूरसंचार कंपनियों को अत्यंत तीव्र गति वाले 5जी नेटवर्क पर परीक्षण हेतु स्पेक्ट्रम देने का फैसला किया है. इनमें वे ऑपरेटर भी शामिल होंगे जो चीन की जानी-मानी नेटवर्क उपकरण कंपनी हुवावेई के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं.

कई देशों ने अपने यहां दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को चीन के उपकरणों का उपयोग करने की अनुमति दी है. भारत ने भी अब संकेत दिया है कि उसका मकसद किसी कंपनी को 5जी परीक्षण से बाहर रखने का नहीं है. संयुक्त राज्य अमेरिका में हुवावेई पर प्रतिबंध है.

सरकार भारत को दुनिया के हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड के साथ लाने के लिए जल्द ही 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी करने की योजना बना रही है. इसका मतलब है कि सभी आपरेटर चाहे वे किसी भी उपकरण वेंडर के साथ भागीदारी कर रहे हैं. वे 5जी परीक्षण में भाग ले सकेंगे.

5जी की विशेषताएं

5जी हाई-स्पीड इंटरनेट और कनेक्टिविटी प्रदान करेगी. उदाहरण के लिए, 3-घंटे की फिल्म कुछ सेकंड के भीतर डाउनलोड की जा सकती है. यह माना जाता है कि वीडियो बफरिंग नहीं होगी क्योंकि डेटा ट्रांसफर बहुत तेजी से होगा.

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 5जी नेटवर्क एक मिलीसेकंड में डेटा वितरित करेगा जो 4जी सेवाओं में लगभग 70 मिलीसेकंड लेता है. यह भी माना जाता है कि 5जी नेटवर्क 3500 मेगाहर्ट्ज बैंड पर काम करेगा.

5जी से लाभ

परिचालन समिति के अनुसार 5जी सेवा देश में चौथी औद्योगिक क्रांति लाने में उत्प्रेरक का काम करेगा तथा भारत को वैश्विक आर्थिक शक्ति बनाने में मददगार साबित होगा. इस सेवा के शुरू होने से देश की अर्थव्यवस्था को एक लाख करोड़ डॉलर का लाभ होने की उम्मीद है.

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स्पेक्ट्रम क्या है?

स्पेक्ट्रम एक प्रकार का विद्युत चुंबकीय क्षेत्र है. यह एक विद्युत चुम्बकीय क्षेत्र का बहुत छोटा रूप है. इसे एक प्रकार की विकिरण ऊर्जा कहा जा सकता है, जोकि पृथ्वी को चारों ओर से घेरे हुए है. यह ऊर्जा तारों एवं आकाशगंगाओं तथा पृथ्वी के नीचे दबे रेडियोएक्टिव तत्वों से भी मिलती है.

इस विद्युत चुम्बकीय विकिरण (EMR) का मुख्य स्रोत सूर्य है. स्पेक्ट्रम प्राप्त करने हेतु जिन उपकरणों का उपयोग किया जाता है उन्हें स्पेक्ट्रमदर्शी, स्पेक्ट्रममापी और स्पेक्ट्रमलेखी कहते हैं. स्पेक्ट्रम सेवा प्रदाताओं के लिए एक लाइसेंस प्राप्त वस्तु है अन्यथा कोई भी आवृत्ति का उपयोग या दुरुपयोग कर सकता है.

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