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केंद्र सरकार ने कोसी-मेछी नदियों को जोड़ने हेतु 4,900 करोड़ की परियोजना को मंजूरी दी

इस परियोजना से न केवल उत्तरी बिहार में बार-बार आने वाली बाढ़ से निजात मिलेगी बल्कि 2.14 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई भी होगी.

Aug 6, 2019 10:11 IST
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केंद्र ने बिहार की कोसी और मेछी नदियों को आपस में जोड़ने की 4,900 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी प्रदान की है. इससे पूर्व, केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश की केन-बेतवा नदियों को आपस में जोड़ने की मंजूरी दी थी. यह केन-बेतवा के बाद नदियों को जोड़ने वाली दूसरी बड़ी परियोजना है.

इस परियोजना को केंद्र सरकार से पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा अनिवार्य तकनीकी-प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है. केंद्र सरकार ने सिंचाई हेतु कोसी के पूर्वी तट पर 76.20 किलोमीटर लंबी नहर के निर्माण को मंजूरी दी है.

परियोजना के मुख्य बिंदु

• इस परियोजना की शुरुआत राष्ट्रीय परियोजना के तौर पर की जा रही है और उस स्थिति में परियोजना का अधिकांश धन केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाएगा.
• यह पूरा कार्य भारत-नेपाल अंतर्राष्ट्रीय सीमा के समीप किया जाएगा जो कि एक महत्वपूर्ण पहलू है कि भारत सरकार इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित करे जिससे इस पर विशेष ध्यान दिया जाए.
• इस परियोजना से न केवल उत्तरी बिहार में बार बार आने वाली बाढ़ से निजात मिलेगी बल्कि अररिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार जिलों में 2.14 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई भी होगी.
• इस परियोजना की ख़ास बात यह भी है कि इससे स्थानीय लोगों का विस्थापन नहीं होगा और वनभूमि का अधिग्रहण भी नहीं किया जायेगा. आमतौर पर देखा जाता है कि इस प्रकार की विशाल सरकारी योजनाओं में स्थानीय लोगों को स्थानांतरित होना पड़ता है.

केन-बेतवा लिंक परियोजना

• मध्य प्रदेश में केन और बेतवा नदियों को आपस में जोड़ने की परियोजना के तहत 30 नहरों और 3000 जलाशयों को भी लिंक किया जायेगा.
• केन-बेतवा नदियों के आपस में जुड़ने के बाद 87 मिलियन हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी.
• इस परियोजना के तहत केन नदी के अतिरिक्त जल भण्डार को बेतवा नदी में छोड़ा जायेगा ताकि बुंदेलखंड जैसे सूखाग्रस्त इलाके को पर्याप्त पानी मिल सके.
• इस परियोजना में दो पावरहाउस, 221 किलोमीटर लंबी केन-बेतवा लिंक कनाल एवं एक लभग 2 किलोमीटर लम्बी सुरंग का निर्माण किया जायेगा.

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