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केंद्र सरकार ने सिख फॉर जस्टिस की 40 वेबसाइट ब्लॉक कीं, जानें वजह

गृह मंत्रालय के अनुसार, सिख फॉर जस्टिस ने अपने मकसद के लिए एक अभियान शुरू किया था. इसके तहत वह अपने समर्थकों का रजिस्ट्रेशन कर रहा था.

Jul 6, 2020 14:23 IST
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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 05 जुलाई 2020 को खालिस्तान का समर्थन करने वाले प्रतिबंधित संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (एसएफजे) पर कठोर कार्रवाई की है. इस संगठन से जुड़ी 40 वेबसाइट को भारत में ब्लॉक कर दिया गया है. अमेरिका स्थित एसएफजे एक खालिस्तान समर्थक समूह है. गृह मंत्रालय ने वेबसाइटों को ब्लॉक करने की सिफारिश की थी.

गृह मंत्रालय ने यह जानकारी देते हुए बताया है कि गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम 1967 के तहत प्रतिबंधित संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ खालिस्‍तानी समर्थकों को पंजीकृत करने के लिए एक अभियान चला रखा था. इसे देखते हुए गृह मंत्रालय की सिफारिश पर इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने संगठन की 40 वेबसाइटों को आईटी एक्ट 2000 के तहत ब्‍लॉक करने का आदेश जारी किया.

40 वेबसाइटों को ब्लॉक किया

गृह मंत्रालय के अनुसार, सिख फॉर जस्टिस ने अपने मकसद के लिए एक अभियान शुरू किया था. इसके तहत वह अपने समर्थकों का रजिस्ट्रेशन कर रहा था. गृह मंत्रालय की सिफारिश पर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इसकी 40 वेबसाइटों को ब्लॉक कर दिया है. यह कार्रवाई आइटी अधिनियम, 2000 की धारा 69-ए के तहत की गई है.

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत में साइबर स्पेस की निगरानी के लिए नोडल प्राधिकरण है. गृह मंत्रालय ने पिछले साल एसएफजे पर उसकी राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के लिए प्रतिबंध लगा दिया था.

40 वेबसाइटों को क्यों ब्लॉक किया गया

इन पर अलगाववाद को बढ़ावा देने और युवाओं को भटकाने जैसे आरोप लगे थे. ऐसे में सुरक्षा की दृष्टि से इस फैसले को काफी अहम माना जा रहा है. ये संगठन अमेरिका से ऑपरेट करता है और भारत में इस पर बैन लगाया गया है.

संगठन की तरफ से कई बार पंजाब में अलग खालिस्तान को लेकर जनमत संग्रह कराने की मांग भी की गई है. भारत सरकार की तरफ से खालिस्तान के दावे को हमेशा खारिज किया गया है, हर बार इसकी मांग करने वाले संगठनों पर ठोस कार्रवाई भी की गई है.

भारत सरकार का दूसरा बड़ा फैसला

डिजिटली कंटेंट के तौर पर पिछले कुछ दिनों में ये भारत सरकार का दूसरा बड़ा फैसला है. इससे पहले सरकार ने करीब 59 चीनी ऐप को बैन किया था. इन ऐप को लेकर सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे थे, जिनमें डाटा चोरी जैसी बात भी शामिल थी.

खालिस्तानी संगठनों से जुड़े 9 लोग आतंकी घोषित

गृह मंत्रालय ने पिछले वर्ष एसएफजे की कथित राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को लेकर उसे प्रतिबंधित कर दिया था. एसएफजे ने अपने अलगाववादी एजेंडे के तहत सिख जनमत संग्रह 2020 पर जोर दिया था. गृह मंत्रालय ने अलगाववादी खालिस्तानी संगठन से जुड़े नौ लोगों को एक जुलाई को यूएपीए के तहत आतंकवादी घोषित कर दिया था. इनमें से चार लोग पाकिस्तान में हैं. ये लोग विभिन्न आतंकी संगठनों से जुड़े हुए हैं.

गृह मंत्रालय ने कहा ये नौ लोग पाकिस्तान और अन्य देशों से संचालित हो रहे हैं तथा आतंकवाद की विभिन्न गतिविधियों में संलिप्त हैं. मंत्रालय के मुताबिक, वे लोग अपनी राष्ट्र विरोधी गतिविधियों और खालिस्तान समर्थक गतिविधयों में संलिप्त है.

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