गुजरात आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को 10% आरक्षण देने वाला पहला राज्य बना

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी द्वारा शिक्षा और रोज़गार में गरीब सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण को 14 जनवरी 2019 से लागू करने का निर्णय लिया गया है.

Created On: Jan 14, 2019 08:59 ISTModified On: Jan 14, 2019 09:10 IST

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी द्वारा शिक्षा और रोज़गार में गरीब सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण को 14 जनवरी से लागू करने का निर्णय लिया गया है. केंद्र सरकार ने इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी है. अधिसूचना जारी होने के एक दिन बाद ही गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने यह घोषणा की.

गुजरात सरकार द्वारा की गई घोषणा के मुख्य बिंदु

•    शैक्षणिक संस्थाओं और सरकारी नौकरियों में आर्थिक रूप से पिछड़ों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा.

•    यह आरक्षण अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग कोटे के अतिरिक्त दिया जाएगा.

•    पहले से घोषित उन भर्तियों में भी यह आरक्षण लागू होगा, जिनकी अभी कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है.

•    जिन भर्तियों के लिए लिखित, मौखिक और कंप्यूटर परीक्षा ली जा चुकी है, उन पर यह लागू नहीं होगा.

•    गुजरात में आरक्षण की यह नई व्यवस्था मकर संक्रांति से लागू होगी.

किसे मिलेगा लाभ?

•    ऐसे परिवार, जिनकी सालाना आय आठ लाख या उससे कम होगी.

•    आर्थिक रूप से पिछड़े वह लोग जिनके पास पांच एकड़ या उससे कम कृषि योग्य भूमि है.

•    ऐसे परिवार, जिनके पास एक हजार वर्ग फीट या उससे कम का मकान है.

•    अधिसूचित नगरीय क्षेत्र में जिनके पास 100 गज का प्लॉट है.

•    गैर-अधिसूचित नगरीय क्षेत्र में 200 या उससे कम का प्लॉट है.

•    वह लोग जो अभी तक किसी भी तरह के आरक्षण के अंतर्गत नहीं आते थे.

 

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