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स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा चार मेडिकल उपकरणों को दवा की श्रेणी में रखा गया

मंत्रालय द्वारा इन चारों उपकरणों को ड्रग्स एंड कास्मेटिक अधिनियम-1940 के तहत दवा की श्रेणी में शामिल किया गया है. इस निर्णय से इन उपकरणों की गुणवत्ता और कार्य सुनिश्चित किया जा सकेगा.

Dec 11, 2018 14:33 IST

केन्द्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा हाल ही में जारी अधिसूचना के तहत चार मेडिकल उपकरणों को दवा की श्रेणी में शामिल किया गया है. इस अधिसूचना के तहत ब्लड प्रेशर मॉनिटर, नेब्युलाईज़र, डिजिटल थर्मामीटर तथा ग्लूकोमीटर को दवाओं की श्रेणी में रखा गया है.

मंत्रालय द्वारा इन चारों उपकरणों को ड्रग्स एंड कास्मेटिक अधिनियम-1940 के तहत दवा की श्रेणी में शामिल किया गया है. इस निर्णय से इन उपकरणों की गुणवत्ता और कार्य सुनिश्चित किया जा सकेगा. भारतीय दवा महा नियंत्रक जनवरी, 2020 से इन उपकरणों के आयात, विनिर्माण तथा बिक्री को रेगुलेट करेंगे.

प्रमुख तथ्य

•    एक जनवरी, 2020 से इन उपकरणों का निर्माण अथवा आयात करने वाली कम्पनियों को हैं इन उपकरणों के लिए जरुरी अनुमति प्राप्त करनी होगी.

•    इन सभी उपकरणों को मेडिकल उपकरण नियम, 2017 में बताये गये गुणवत्ता मानकों के तहत पंजीकृत कराना होगा.

•    इन चार उपकरणों के साथ अब दवा की श्रेणी में रखी गयी उपकरणों की कुल संख्या बढ़कर 27 हो गयी है.

•    अब तक 23 मेडिकल उपकरणों की गुणवत्ता की देख-रेख डीजीसीआई द्वारा की जाती थी.

•    अन्य मेडिकल उपकरण गुणवत्ता परीक्षण तथा क्लिनिकल ट्रायल के बिना बेचे जाते हैं.

•    इससे पहले ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बॉडी ने इन चार उपकरणों को दवा की श्रेणी में शामिल करने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी थी.

भारतीय दवा महानियंत्रक


•    केन्द्रीय दवा मानक नियंत्रक संगठन के अंतर्गत भारतीय दवा महानियंत्रक विशिष्ट श्रेणी की दवाओं के लिए लाइसेंस को मंज़ूरी प्रदान करता है.

•    डीजीसीआई भारत में दवा के उत्पादन, बिक्री, आयात तथा वितरण इत्यादि के लिए मानक तथा गुणवत्ता तय करता है.

•    यह भारत में दवा की गुणवत्ता से संबधित विवाद के लिए अपीलीय प्राधिकरण का कार्य करता है.

 

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