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आइडिया ने वोडाफोन इंडिया के साथ विलय को मंजूरी प्रदान की

विलय में वोडाफोन और आइडिया के कुल शेयरों का विलय किया जाएगा. इंडस टावर्स में वोडाफोन के 42 प्रतिशत शेयर इस विलय से अलग रहेंगे.

Mar 20, 2017 14:09 IST
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आइडिया सेल्युलर ने वोडाफोन इंडिया के साथ विलय की घोषणा कर दी है. इस विलय प्रस्ताव पर कंपनी के बोर्ड ने मुहर लगा दी. इसके बाद वोडाफोन इंडिया व इसके पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी वोडाफोन मोबाइल सर्विसेज लिमिटेड और आदित्य बिड़ला ग्रुप के आइडिया सेल्युलर का विलय कर दिया जाएगा.

विलय के बाद बनने वाली नई कंपनी भारती एयरटेल को पछाड़कर देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी बन जाएगी. आइडिया सेल्युलर कुमार मंगलम बिड़ला के स्वामित्व वाली देश की तीसरे नंबर की टेलिकॉम कंपनी है.

विलय में वोडाफोन और आइडिया के कुल शेयरों का विलय किया जाएगा. इंडस टावर्स में वोडाफोन के 42 प्रतिशत शेयर इस विलय से अलग रहेंगे. आइडिया के नए शेयरों को वोडाफोन में जारी करने के साथ ही विलय लागू हो जाएगा. साथ ही वोडाफोन इंडिया अपनी पैरंट कंपनी से अलग हो.

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समझौते के मुख्य तथ्य-

  • विलय के बाद नई बनने वाली कंपनी के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला को बनाया जाएगा. वोडाफोन इसमें सीएफओ नियुक्त करेगी.
  • सीईओ और सीओओ के पद दोनों कंपनियों के साझी सहमति के बाद निर्धारित होंगे.
  • आइडिया और वोडाफोन दोनों कम्पनियों के प्रमोटरों के पास तीन-तीन डायरेक्टर्स नामित करने के अधिकार होंगे.
  • दोनों कंपनियों आइडिया और वोडाफोन की विलय प्रक्रिया अगले वर्ष तक पूरे हो जाने का अनुमान है.
  • विलय के बाद बनने वाली नई कंपनी में वोडाफोन की हिस्सेदारी 45 प्रतिशत जबकि आइडिया की हिस्सेदारी 26 प्रतिशत होगी.
  • भविष्य में दोनों कंपनियों आदित्य बिड़ला ग्रुप और वोडाफोन का हिस्सा बराबर हो जाएगा.
  • आइडिया कमपनी की परिसम्पत्तियो का मूल्यांकन 72,200 करोड़ रुपया आंका गया है.
  • समझौते के अनुसार एबी ग्रुप के पास 130 रुपये प्रति शेयर की दर से नई कंपनी के 9.5 प्रतिशत खरीदने का अधिकार प्रदान किया गया है.

ब्रोकरेज कंपनी सीएलएसए के अनुसार नई कंपनी का रेवेन्यू 80,000 करोड़ से भी अधिक होगा, यह रेवेन्यू देश की टेलिकॉम इंडस्ट्री के कुल रेवेन्यू का 43 प्रतिशत होगा.
नई कंपनी के पास भारतीय बाजार के कुल 40 प्रतिशत मोबाइल उपभोक्ता होंगे. देश में कुल आवंटित स्पेक्ट्रम का 25 प्रतिशत हिस्सा अकेले इसी कंपनी के पास होगा.
इस अवस्था में कम्पनी को 1 प्रतिशत स्पेक्ट्रम बेचना होगा, ताकि इसकी सीमा से जुड़े नियम का पालन किया जा सके.

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