भारत-उज्बेकिस्तान के बीच सैन्य संबंधों को बढ़ाने हेतु तीन समझौतों पर हस्ताक्षर

भारतीय रक्षा मंत्री और उज्बेकिस्तान के रक्षा मंत्री ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि दोनों देश उज़्बेकिस्तान के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी के अनुरूप, रक्षा में अपने जुड़ाव के स्तर को बढ़ाने हेतु सहयोग करना तथा साथ काम करना जारी रखेंगे.

Created On: Nov 4, 2019 14:38 ISTModified On: Nov 4, 2019 14:47 IST

भारत ने सैन्य संबंधों में सहयोग बढ़ाने के लिए उज्बेकिस्तान के साथ तीन महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किये हैं. दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल की बैठक के बाद समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये गए.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उज्बेकिस्तान के रक्षा मंत्री मेजर जनरल निजामोविच ने 02 नवंबर 2019 को शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की 18वीं बैठक में हिस्सा लेने के बाद द्विपक्षीय रक्षा वार्ता की.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 01 नवंबर से 03 नवंबर के बीच उज्बेकिस्तान में ताशकंद की अपनी यात्रा के दौरान उज़्बेकिस्तान के रक्षा मंत्री मेजर जनरल बखोदिर निज़ामोविच कुर्बानोव के साथ द्विपक्षीय परामर्श किया. यह किसी भारतीय रक्षा मंत्री द्वारा करीब 15 वर्षों में उज्बेकिस्तान का पहला दौरा था.

भारत और उज्बेकिस्तान ने निम्न तीन समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए:

 दोनों देशों के सशस्त्र बलों के बीच सैन्य चिकित्सा में सहयोग पर समझौता ज्ञापन.

 प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के लिए दोनों देशों के उच्च सैन्य शिक्षण संस्थानों के बीच दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किये गए.

भारतीय रक्षा मंत्री और उज्बेकिस्तान के रक्षा मंत्री ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि दोनों देश उज़्बेकिस्तान के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी के अनुरूप, रक्षा में अपने जुड़ाव के स्तर को बढ़ाने हेतु सहयोग करना तथा साथ काम करना जारी रखेंगे. दोनों देश आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में अपना आदान-प्रदान और बढ़ाने के लिए विशेषज्ञ स्तर पर चर्चा जारी रखेंगे.

दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास एवं सम्मान के उच्चस्तर और क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विषयों पर उनके साझा विचारों और दृष्टिकोणों पर आधारित होगा. इसमें क्षेत्रीय स्थिरता एवं सुरक्षा को बढ़ावा देना तथा अतिवाद एवं आतंकवाद का मुकाबला करना शामिल है.

भारत ने उज्बेकिस्तान द्वारा भारत से वस्तुओं एवं सेवाओं की खरीद हेतु चार करोड़ अमरीकी डॉलर की रियायती ऋण सुविधा की पेशकश की है. दोनों पक्षों के बीच सशस्त्र बलों के प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण एवं शिक्षा से संबंधित प्रत्यक्ष आदान-प्रदान में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है.

समझौते पर हस्ताक्षर करने के दौरान, भारत के रक्षा मंत्रियों और उज्बेकिस्तान ने पहली बार सिकंदराबाद में कॉलेज ऑफ डिफेंस मैनेजमेंट और ताशकंद में सशस्त्र सेना अकादमी के बीच एक वीडियो-लिंक पर भाग लिया.

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पृष्ठभूमि:

दोनों पक्षों ने बैठक के दौरान सितंबर 2018 में उजबेकिस्तान के तत्कालीन रक्षा मंत्री की भारत यात्रा के बाद से भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रक्षा सहयोग के बढ़े हुए स्तर पर संतोष व्यक्त किया. दोनों पक्षों के बीच सशस्त्र बलों के बीच प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण तथा शिक्षा से संबंधित प्रत्यक्ष आदान-प्रदान में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उज्बेकिस्तान को भरोसा दिलाया कि उसकी सेना के आधुनिकीकरण तथा क्षमता विकास में भारतीय सैन्य बल सभी संभावित सहायता मुहैया कराएंगे. दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों ने पहली बार भारत-उज्बेकिस्तान के संयुक्त अभ्यास ‘डस्टलिक 2019’ के “कर्टन रेजर” की संयुक्त रूप से अध्यक्षता की.

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