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भारत को मिला पहला राफेल विमान, रक्षा मंत्री ने भारत के पहले राफेल विमान की शस्त्र पूजा की

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अनुसार इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और फ्रांस के बीच 'रणनीतिक साझेदारी' को बढ़ावा देना है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्व फ्रांसीसी राष्ट्रपति जैक शिराक को श्रद्धांजलि दी.

Oct 9, 2019 13:28 IST
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केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 08 अक्टूबर 2019 को मेरिनियाख प्रांत (फ्रांस) में आधिकारिक तौर पर 36 राफेल कॉम्बैट विमानों में से पहले राफेल की डिलीवरी ली. भारत को फ्रांस ने RB 001 राफेल विमान सौंप दिया है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत के पहले राफेल विमान की शस्त्र पूजा भी की.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राफेल में उड़ान भरते ही इतिहास रचा दिया है. उन्होंने लगभग आधे घंटे तक राफेल में उड़ान भरी. राजनाथ सिंह इसके साथ ही देश के पहले रक्षा मंत्री बन गये हैं जिन्होंने राफेल में उड़ान भरी है. राजनाथ सिंह ने इससे पहले तेजस में भी उड़ान भरकर इतिहास रचा था. किसी रक्षा मंत्री ने पहली बार तेजस में उड़ान भरी थी.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अनुसार इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और फ्रांस के बीच 'रणनीतिक साझेदारी' को बढ़ावा देना है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्व फ्रांसीसी राष्ट्रपति जैक शिराक को श्रद्धांजलि दी. पूर्व फ्रांसीसी राष्ट्रपति जैक शिराक का हाल ही में निधन हो गया. रक्षा मंत्री ने कहा की मैं भारत सरकार और देश जनता की ओर से पूर्व राष्ट्रपति जैक शिराक को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं.

राफेल विमान का अगले साल क्यों मिलेगी पहली खेप

भारत को फाइटर जेट राफेल की पहली खेप मई 2020 में मिलेगी क्योंकि इसे रखने और संचालन के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे को तैयार किया जा रहा है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राफेल को रिसीव करने से पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैन्युएल मैक्रों से मुलाकात की.

राफेल विमान का रेडार सिस्टम एफ-16 से बहुत ज्यादा मजबूत है. एफ-16 विमान का रेडार सिस्टम 84 किलोमीटर के दायरे में 20 टारगेट की पहचान करता है. वहीं  राफेल विमान का रेडार सिस्टम 100 किलोमीटर के दायरे में 40 टारगेट चिह्नित कर लेता है. राफेल विमान करीब 300 किलोमीटर की दूरी पर लक्ष्य को भेद सकता है जबकि एफ-16 विमान की ज्यादा से ज्यादा 100 किलोमीटर तक के लक्ष्य को भेद सकता है.

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पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि भारत ने साल 2016 में 59,000 करोड़ रुपये में फ्रांस सरकार से 36 लड़ाकू विमान खरीदने की समझौता की थी. भारत में राफेल की पहली खेप मई 2020 में आने की संभावना है. राफेल विमान के लिए भारत के पायलटों और वायुसेना के अधिकारियों को फ्रांस में जरूरी ट्रेनिंग दी जायेगी.

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