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भारत एवं जापान ने छह समझौतों पर हस्ताक्षर किये

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा जापानी समकक्ष शिंजो आबे के मध्य हुए 75 अरब डालर के करंसी स्वैप समझौते से देश के फॉरेन एक्सचेंज और कैपीटल मार्किट में स्थिरता आएगी.

Oct 30, 2018 09:37 IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे की 29 अक्टूबर 2018 को हुई शिखर वार्ता के बाद भारत और जापान ने एक हाई स्पीड रेल परियोजना और नौसेना सहयोग सहित 6 समझौतों पर हस्ताक्षर किए. इसके अतिरिक्त दोनों देशों के विदेश मंत्रियों तथा रक्षा मंत्रियों के बीच टू प्लस टू वार्ता करने पर सहमति जताई गई.

शिखर वार्ता में दोनों ने भारत-प्रशांत क्षेत्र के हालात सहित विभिन्न द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की. प्रधानमंत्री मोदी ने वार्ता के बाद कहा, "हम दोनों ने इस बात पर सहमति जताई कि डिजिटल साझेदारी से लेकर साइबर क्षेत्र, स्वास्थ्य, रक्षा, समुद्र से अंतरिक्ष तक, हर क्षेत्र में हम अपनी भागीदारी को मजबूत करेंगे."

भारत-जापान शिखर वार्ता के मुख्य बिंदु

•    भारत और जापान ने आपस में 75 अरब डॉलर के बराबर विदेशी मुद्रा की अदला-बदली की व्यवस्था का समझौता किया.

•    भारत और जापान के बीच मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना के लिए ओडीए ऋण की दूसरी किश्त पर समझौता हुआ.

•    इसके अलावा आयुष्मान भारत से सम्बंधित स्वास्थ्य सेवाओं, डिजिटल साझेदारी, खाद्य प्रसंकरण तथा नौसेनिक सहयोग को लेकर दोनों देशों के बीच समझौते किये गये.

•    भारत के आयुष (आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्धा और होम्योपैथी) मंत्रालय और कनागावा प्रीफैक्चरल गवर्नमैंट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जापान दौरे दौरान सहयोग पत्र (एम.ओ.सी.) पर हस्ताक्षर हुए.

•    जापान ने अंतर्राष्ट्रीय सोलर गठबंधन में शामिल होने के लिए भी सहमति प्रदान की.

•    दोनों नेताओं ने अपने औपचारिक शिखर सम्मेलन में आतंकवाद के बढ़ते खतरों और उसकी वैश्विक पहुंच पर गहरी चिंता भी प्रकट की.

•    जापान ने परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता हासिल करने की भारत की कोशिश का समर्थन किया.

 

संयुक्त वक्तव्य

शिखर वार्ता के बाद जारी भारत जापान संयुक्त वक्तव्य में कहा गया कि तीन अंतरराष्ट्रीय निर्यात तंत्रों में भारत की पूर्ण सदस्यता के बाद दोनों नेताओं ने वैश्विक अप्रसार परमाणु प्रयासों को मजबूत करने के लक्ष्य के साथ आपूर्तिकर्ता समूह में भारत की सदस्यता के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया. भारत पहले से ही आस्ट्रेलिया ग्रुप, वासेनार व्यवस्था और मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था का सदस्य है.


समझौते का लाभ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा जापानी समकक्ष शिंजो आबे के मध्य हुए 75 अरब डालर के करंसी स्वैप समझौते से देश के फॉरेन एक्सचेंज और कैपीटल मार्किट में स्थिरता आएगी. वित्त मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि इस समझौते के बाद भारत जरूरत पडऩे पर विदेशी पूंजी के इस्तेमाल में सक्षम हो जाएगा और बाजार पर इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा.

 

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