Search

भारत की कलाकृतियों को वापिस भारत लाने हेतु इंडिया प्राइड प्रोजेक्ट आरंभ किया गया

इंडिया प्राइड प्रोजेक्ट (आईपीपी) द्वारा प्राचीन लूट के दौरान शिव नटराज (कांस्य निर्मित), जिसका असल निवास स्थान ब्रगदेश्वरा मंदिर (तमिलनाडु) है, उसकी पहचान की गयी तथा उसे ऑस्ट्रेलिया के नेशनल गैलरी में पाया गया.

Apr 25, 2016 16:08 IST

इंडिया प्राइड प्रोजेक्ट (आईपीपी) अप्रैल 2016 के चौथे सप्ताह में उस समय चर्चा में रहा जब दो प्रवासी भारतीयों द्वारा भारत की खोयी हुई कलाकृतियों को वापिस भारत में लाने के लिए इसका आरंभ किया गया.

इस पहल द्वारा यह पाया गया कि उत्तर-औपनिवेशिक काल में ब्रिटिश अथवा मुगलों के शासन की तुलना में अधिक कलाकृतियों को लूटा गया.

यह एक छोटी लेकिन महत्वपूर्ण पहल है जिससे भारत से लूटी गयी कलाकृतियों को वापिस भारत में लाया जायेगा.

आईपीपी के सहसंस्थापक

विजय कुमार: आईपीपी के यह सहसंस्थापक कला प्रेमी हैं एवं एक शिपिंग कम्पनी के जनरल मैनेजर हैं.

अनुराग सक्सेना: वे चार्टेड एकाउंटेंट हैं एवं वर्ल्ड एजुकेशन फाउंडेशन, यूके में एशिया-पसिफ़िक के सीईओ हैं.

आईपीपी प्रबंधन

इसका संचालन विश्व भर में फैले इसके वालंटियरों द्वारा किया जाता है जो खोई अथवा चोरी हुई कलाकृतियों को तलाशने एवं उन्हें वापिस लाने में उनकी सहायता करते हैं. वे सन्देश भेजने के लिए ट्विटर की सहायता लेते हैं.

उपलब्धियां

•    अभी तक आईपीपी द्वारा प्राचीन लूट के दौरान शिव नटराज (कांस्य निर्मित), जिसका असल निवास स्थान ब्रगदेश्वरा मंदिर (तमिलनाडु) है, उसकी पहचान की गयी तथा उसे ऑस्ट्रेलिया के नेशनल गैलरी में पाया गया.
•    उन्होंने दक्षिण वेल्स आर्ट गैलरी में भगवान शिव की अर्द्धनारी (असल स्थान – वृद्दागिरेश्वर मंदिर, तमिलनाडु) मूर्ति का भी पता लगाया.
•    तमिलनाडु के श्रीपुरंथन गांव में स्थित ब्रगदेश्वरा मंदिर की कांस्य की गणेश प्रतिमा, यक्षी, सतना के रेत के पहाड़ भी यूएसए के आईसीई को शोध हेतु भेज दिए गये हैं.

पृष्ठभूमि

प्राचीन भारत की बहुत सी कलाकृतियां, नक़्शे एवं अन्य कला सामग्रियां विदेशी राजाओं द्वारा लूटी गयीं तथा चोरी की गयीं क्योंकि इनकी अंतरराष्ट्रीय मार्किट में लाखों डॉलर कीमत है. विश्व भर में भारत की कलाकृतियों को अवैध तरीके से रखा गया है.

एक अनुमान के अनुसार स्वतंत्रता के बाद से लगभग 50,000 प्राचीन विरासत की वस्तुएं भारत से गायब हो चुकी हैं.

अब तक लौटायी गयी कलाकृतियों में अधिकतर दूसरे देशों द्वारा बतौर उपहार दिए गयी कलाकृतियां हैं. इनमें श्रीपुरंतन नटराज भी शामिल है जिसे ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री टोनी एब्बोट द्वारा भारत को लौटाया गया.

Now get latest Current Affairs on mobile, Download # 1  Current Affairs App