Search

भारत वर्ष 2030 तक विश्व का तीसरा बड़ा उपभोक्ता बाजार होगा: डब्ल्यूईएफ

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस दौरान 2.5 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आ जाएंगे और हजारों गांव व शहर विकसित हो जाएंगे. वर्ष 2030 में शीर्ष 40 शहरों में खपत 105 लाख करोड़ रुपए की होगी. विकसित ग्रामीण इलाकों में 84 लाख करोड़ होगी.

Jan 12, 2019 10:56 IST

विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) ने 09 जनवरी 2019 को कहा है कि भारत विश्व के तीसरे सबसे बड़े उपभोक्ता बाजार के रूप में उभर रहा है.

विश्व आर्थिक फोरम की ताजा रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2030 तक भारत का, उपभोक्ता बाजार अमरीका और चीन के बाद तीसरे स्थान पर होगा. इस रिपोर्ट को 'फ्यूचर ऑफ कंजम्पशन इन फास्ट-ग्रोथ कंज्यूमर मार्केट- इंडिया' नाम दिया गया है.

 

रिपोर्ट से संबंधित मुख्य तथ्य:

•   रिपोर्ट के अनुसार तब तक भारत का उपभोक्ता बाजार मौजूदा 15 खरब अमरीकी डालर से बढ़कर 60 खरब अमरीकी डालर हो जायेगा.

   रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस दौरान 2.5 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आ जाएंगे और हजारों गांव व शहर विकसित हो जाएंगे.

   रिपार्ट के अनुसार 7.5 प्रतिशत की वार्षिक जीडीपी वृद्धि दर के साथ वर्तमान में भारत विश्व की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है.

   रिपोर्ट के अनुसार खपत अमीरों, घनी आबादी वाले शहरों और विकसित कस्बों से आएगी. इसने स्किल डेवलपमेंट, रोजगार के मौके और ग्रामीण इलाकों में सामाजिक-आर्थिक समावेश को भविष्य की चुनौती बताया है.

   वर्ष 2030 में शीर्ष 40 शहरों में खपत 105 लाख करोड़ रुपए की होगी. विकसित ग्रामीण इलाकों में 84 लाख करोड़ होगी.

•   भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में होगा. यहां 100 करोड़ से ज्यादा इंटरनेट यूजर होंगे. 2.5 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आएंगे.

 

डब्ल्यूईएफ ने बेन एंड कंपनी के साथ मिलकर यह रिपोर्ट तैयार की है. इसके लिए 30 शहरों में 5,100 घरों का सर्वे किया गया. डब्ल्यूईएफ ने वर्ष 2018 चीन के उपभोक्ता बाजार का आकलन किया था, जो वर्ष 2027 में 574 लाख करोड़ रुपए का होगा.

अमेरिका के बाजार का आकलन अभी इसने नहीं किया है, पर यह सबसे बड़ा होगा. अभी भारत में सालाना उपभोक्ता खर्च 105 लाख करोड़ रुपए है. यह वर्ष 2030 में 420 लाख करोड़ रुपए होगा

 

वर्ष 2030 तक 14 करोड़ लोग मध्य वर्ग में शामिल होंगे. दो करोड़ लोग मध्य वर्ग से उच्च आय वर्ग में जाएंगे. ये लोग खाने-पीने, कपड़े, पर्सनल केयर, गैजेट, ट्रांसपोर्ट और हाउसिंग पर दो से ढाई गुना ज्यादा खर्च करेंगे. स्वास्थ्य, शिक्षा और मनोरंजन जैसी सेवाओं पर इनका खर्च 3 से 4 गुना बढ़ जाएगा.

 

विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ):

विश्व आर्थिक फोरम स्विट्ज़रलैंड में स्थित एक गैर-लाभकारी संस्था है. इसका मुख्यालय जिनेवा में है. स्विस अधिकारीयों द्वारा इसे एक निजी-सार्वजनिक सहयोग के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है. इसका उद्देश्य विश्व के व्यवसाय, राजनीति, शैक्षिक और अन्य क्षेत्रों में अग्रणी लोगों को एक साथ ला कर वैशविक, क्षेत्रीय और औद्योगिक दिशा तय करना है.

इस फोरम की सर्वाधिक चर्चित घटना वार्षिक शीतकालीन बैठक में होती है जिसका आयोजन दावोस नामक स्थान पर किया जाता है. इस आयोजन में भागीदारिता सिर्फ निमंत्रण से होती है और इसकी ख़ास बात यह है की इस छोटे शहर में भागिदार अनौपचारिक परस्पर बातचीत में अनेक समस्याओं का समाधान निकला जाता है.

 

यह भी पढ़ें: आरबीआई ने 20 रुपये के नए नोट जल्द ही जारी करने की घोषणा की