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भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक में भारत 80वें स्थान पर, जानिए पाकिस्तान किस स्थान पर

ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल ने दावोस में विश्व आर्थिक मंच की सालाना बैठक के दौरान इस सूचकांक को जारी किया है. इस सूची में डेनमार्क और न्यूजीलैंड संयुक्त रूप से शीष पर बने हुए हैं.

Jan 24, 2020 17:24 IST
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ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल ने 23 जनवरी 2020 को इस सूचकांक को 2019 में एकत्र किए गए आंकड़ों के आधार पर लॉन्च किया है. भारत भ्रष्ट देशों की सूची में दो स्थान फिसल गया है. भारत 180 देशों की सूची में 80वें पायदान पर है. भारत साल 2018 में 78वें स्थान पर था.

ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल ने दावोस में विश्व आर्थिक मंच की सालाना बैठक के दौरान इस सूचकांक को जारी किया है. इस सूची में डेनमार्क और न्यूजीलैंड संयुक्त रूप से शीष पर बने हुए हैं. डेनमार्क और न्यूजीलैंड सबसे ईमानदारी वाले देश हैं. इस सूची में सार्वजनिक क्षेत्र के भ्रष्टाचार के मामलों में 180 देशों को रखा गया था.

रिपोर्ट से संबंधित मुख्य तथ्य

• इस सूची में भारत 41 अंकों के साथ 80वें स्थान पर है. इस स्थान पर भारत के साथ ही चीन, बेनिन, घाना और मोरक्को भी बने हुए हैं.

• भारत का पड़ोसी देश पाकिस्तान सूची में 120वें स्थान पर है. यह पाकिस्तान में अधिक भ्रष्टाचार को दर्शाता है.

• इस सूचकांक में सार्वजनिक क्षेत्र के भ्रष्टाचार के मामलों में कुल 180 देशों को रखा गया है.

• यह सूची 0 से 100 तक के अंकों के आधार पर बनती है. शून्य अंक हासिल करने वाला देश सबसे भ्रष्ट तथा 100 अंक हासिल करने वाला सबसे ईमानदार होगा.

• इस सूचकांक में फिनलैंड, सिंगापुर, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, नीदरलैंड, जर्मनी तथा लक्जमबर्ग शीर्ष दस में शामिल रहे हैं.

• इस सूची में श्रीलंका 93वें स्थान पर है. रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल से भी ज़्यादा भष्ट्राचार बांग्लादेश में है. बांग्लादेश 146वें स्थान पर है. नेपाल इस सूची में 113वें स्थान पर है.

• भारत साल 2017 के इंडेक्स में 40 अंक के साथ 81वें स्थान पर था. भारत इससे पहले साल 2016 में इस इंडेक्स में 79वें स्थान पर था.

• इस सूची में 9, 12 और 13 अंकों के साथ सोमालिया, दक्षिण सूडान और सीरिया सबसे भ्रष्ट हैं.

वैश्विक भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक 2019 के शीर्ष 10 देश

रैंक

देश

स्कोर

1

डेनमार्क, न्यूजीलैंड

87

3

फिनलैंड

86

4

सिंगापुर, स्वीडन, स्विट्जरलैंड

85

7

नॉर्वे

84

8

नीदरलैंड

82

9

जर्मनी

80

9

लक्जमबर्ग

80

11

आइसलैंड

78

12

ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, कनाडा, यूके

77

16

हॉगकॉग

76

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रिपोर्ट का उद्देश्य

रिपोर्ट का मुख्य उद्देश्य राजनीतिक शक्ति पर जांच और संतुलन बनाए रखने वाली संस्थाओं को मजबूत रखना, भ्रष्टाचार विरोधी कानून को मजबूती देना तथा नागरिकों एवं समाज को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है.

औसत स्कोर 43

वैश्विक भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक के अनुसार, दो-तिहाई देशों का स्कोर 50 से कम है तथा औसत स्कोर 43 है. साल 2012 से लेकर अब तक केवल 22 देशों ने भ्रष्टाचार को कम किये है. इसमें एस्टोनिया, ग्रीस और गुयाना शामिल है. इस रिपोर्ट के अनुसार, 21 देशों के स्कोर में गिरावट दर्ज की गई है. इसमें ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और निकारागुआ शामिल है.

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