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चीन को पछाड़कर भारत दूसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता देश बन सकता है: रिपोर्ट

रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2018 में भारत में तेल की मांग में जोरदार वृद्धि हुई है. जीएसटी और नोटबंदी लागू होने के बाद इसने वैश्विक मांग में 14 फीसदी या 2.45 लाख बैरल प्रतिदिन (बीपीडी) का योगदान दिया है.

Jan 23, 2019 12:58 IST

भारत कच्चे तेल की मांग के मामले में वर्ष 2019 में चीन को पछाड़कर दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता देश बन सकता है. यह अनुमान रिसर्च एंड कंसल्टेंसी ग्रुप वुड मैकेंजी ने लगाया है.

रिसर्च एंड कंसल्टेंसी ग्रुप वुड मैकेंजी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ऑटो ईंधन और एलपीजी की खपत में वृद्धि के कारण यह मांग बढ़ेगी.

 

रिपोर्ट से संबंधित मुख्य तथ्य:

   रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2018 में भारत में तेल की मांग में जोरदार वृद्धि हुई है. जीएसटी और नोटबंदी लागू होने के बाद इसने वैश्विक मांग में 14 फीसदी या 2.45 लाख बैरल प्रतिदिन (बीपीडी) का योगदान दिया है.

•   रिपोर्ट में वर्ष 2019 में समान स्तर पर तेल की मांग बढ़ने का अनुमान लगा रहे हैं. इसका परिणाम यह होगा कि भारत 2019 में चीन को पछाड़कर तेल की मांग वाला दूसरा सबसे बड़ा देश बन जाएगा. फिलहाल, इस मामले में अमेरिका पहले पायदान पर है.

•   गौरतलब है कि भारत ने वित्त वर्ष 2017-18 में 20.62 करोड़ टन तेल का उपभोग किया था. अप्रैल-दिसंबर के दौरान पेट्रोलियम उत्पादों की खपत 15.74 करोड़ टन रही है, जो पिछले साल की तुलना में 2.5 फीसदी अधिक है.

•   अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (ईआईए) के अनुसार, भारत वर्तमान में अमेरिका और चीन के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता है.

 

भारत में डीजल की खपत सबसे अधिक:

रिपोर्ट के अनुसार, भारत में डीजल की खपत सबसे अधिक है. वर्ष 2019 में यह वर्ष 2018 के 93,000 बीपीडी के मुकाबले 6.4 फीसदी बढ़कर 1.12 लाख बीपीडी हो जाएगा. ओपेक (Organization of the Petroleum Exporting Countries) ने वर्ष 2040 तक भारत में तेल की मांग बढ़कर 58 लाख बीपीडी होने का अनुमान लगाया था.

 

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