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भारतीय सेना प्रमुख ने लद्दाख में चीनी सेना के साथ सीधा मुकाबला करने वाले सैनिकों को पुरस्कार दिए

सेना की तीनों शाखाओं द्वारा कमीशन कार्ड जारी किए जाते हैं. ये ऐसे बैज होते हैं जो गैर-परिचालन या परिचालन क्षेत्रों में दिखाई गई व्यक्तिगत वीरता के लिए प्रदान किए जाते हैं.

Jun 25, 2020 15:47 IST
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भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवाने ने 24 जून को पूर्वी लद्दाख सेक्टर में होने वाले सीधे मुकाबले (फेस-ऑफ) में चीनी सैनिकों के साथ लड़ने वाले सैनिकों को प्रशंसा-पत्र/ बैज प्रदान किये हैं.

भारतीय सेना प्रमुख ने अपनी दो-दिवसीय लद्दाख यात्रा पर पूर्वी लद्दाख क्षेत्र के प्रमुख स्थानों का दौरा किया. सेना प्रमुख ने उस क्षेत्र में सैनिकों के साथ सीधी बातचीत भी की थी.

सेना की तीनों शाखाओं द्वारा कमीशन कार्ड जारी किए जाते हैं. ये ऐसे बैज होते हैं जो गैर-परिचालन या परिचालन क्षेत्रों में दिखाई गई व्यक्तिगत वीरता के लिए प्रदान किए जाते हैं.

सेना प्रमुख की लेह यात्रा:

भारतीय सेना प्रमुख 23 जून को ऑन-ग्राउंड स्थिति और चीनी सेना के साथ बातचीत में प्रगति की समीक्षा के लिए लेह के लिए रवाना हुए थे. सेना प्रमुख ने अपने दो दिवसीय क्षेत्र के दौरे के बीच लद्दाख के सांसद जम्यांग त्सेरिंग नामग्याल से भी बातचीत की. लेह कॉर्प्स कमांडर और उत्तरी सेना कमांडर भी इस बातचीत के दौरान मौजूद थे.

जनरल मनोज मुकुंद नरवने ने सेना के एक अस्पताल का भी दौरा किया और 15 जून को गलवान घाटी में हुई झड़प में घायल हुए भारतीय सेना के जवानों से बातचीत की. सभी घायल सैनिकों का सेना के इस अस्पताल में इलाज चल रहा है.

अधिकारियों के अनुसार, 22 जून को सेना प्रमुख ने दिल्ली में सेना के शीर्ष कमांडरों के साथ सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की थी.

भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव को कम करने के प्रयास

भारत और चीन ने लद्दाख की गलवान घाटी में हिंसक झड़प के बाद सीमा तनाव को कम करने के लिए सैन्य-स्तरीय वार्ता आयोजित की है. इस आमने-सामने की लड़ाई में 20 भारतीय सैनिकों ने अपनी जान गंवा दी.

सेना के सूत्रों ने पहले यह जानकारी दी थी कि, भारतीय और चीनी सैनिक गलवान नदी घाटी, पैंगॉन्ग त्सो झील और फिंगर क्षेत्र में सेना की हिंसक झड़पों में शामिल रहे हैं.

भारतीय अवरोधकों (इंटरसेप्टर्स) के अनुसार, इस हिंसक झड़प में चीनी पक्ष के गंभीर रूप से घायल और मृतक सैनिकों सहित कुल 43 लोग मारे गए थे.

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