भारतीय नौसेना ने हासिल की तीसरी स्कॉर्पीन पनडुब्बी, INS करंज के तौर पर होगी तैनात

INS करंज की डिलीवरी के साथ, भारत पनडुब्बी-निर्माण करने वाले देश के तौर पर अपनी स्थिति को मजबूत करने में सक्षम हो गया है.

Created On: Feb 17, 2021 14:37 ISTModified On: Feb 17, 2021 14:41 IST

15 फरवरी, 2021 को भारतीय नौसेना को अपनी तीसरी स्कॉर्पीन पनडुब्बी मिली, जिसे मार्च में प्रोजेक्ट पी -75 के INS करंज के तौर पर तैनात किया जाएगा. INS करंज की डिलीवरी के साथ, भारत पनडुब्बी-निर्माण करने वाले देश के तौर पर अपनी स्थिति को मजबूत करने में सक्षम हो गया है.

इस तीसरी स्कॉर्पीन पनडुब्बी के लिए मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, वाइस एडमिरल (सेवानिवृत्त) नारायण प्रसाद, और पश्चिमी नौसेना कमान के चीफ ऑफ स्टाफ ऑफिसर (टेक), रियर एडमिरल बी शिवकुमार ने स्वीकृति दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए.

भारतीय नौसेना की कुल 6 पनडुब्बियों का निर्माण प्रोजेक्ट 75 के तहत किया जा रहा है. 75 नंबर अद्वितीय पहचानकर्ता को संदर्भित करता है जिसे पनडुब्बियों के निर्माण के लिए यह प्रोजेक्ट प्रोग्राम सौंपा गया था. मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड - MDL द्वारा जिन तीन पनडुब्बियों को निर्मित करके सौंपा गया है वे हैं - करंज सहित खंडेरी और कलवरी.

भारतीय नौसेना की पनडुब्बियां

इन तीन पनडुब्बियों - करंज, खंडेरी और कलवरी के अलावा, चौथी पनडुब्बी ‘वेला’ 6 मई, 2019 को लॉन्च की गई थी, और इसने पहले ही अपने समुद्री परीक्षणों की शुरुआत कर दी है.

पांचवीं पनडुब्बी जिसे 12 नवंबर, 2020 को लॉन्च किया गया था, ने भी अपना समुद्री परीक्षण शुरू कर दिया है. इसके अलावा, छठी पनडुब्बी अभी आउटफिटिंग के उन्नत चरण में है.

दो SSK पनडुब्बियां, जो वर्ष, 1992 और वर्ष, 1994 में MDL द्वारा बनाई गई थीं, 25 से अधिक वर्षों के बाद और आज भी सेवा में हैं.

MDL को हासिल है पनडुब्बियों में विशेषज्ञता

मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड - MDL भारतीय नौसेना की आकांक्षाओं और आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता और योग्यता के साथ भारत का अग्रणी शिपयार्ड है.

MDL ने अब, भारतीय नौसेना की 4 SSK श्रेणी की पनडुब्बियों के मीडियम-रीफिट-कम अपग्रेडेशन को सफलतापूर्वक पूरा करके पनडुब्बी रिफिट में विशेषज्ञता हासिल कर ली है.

MDL वर्तमान में, पहली SSK पनडुब्बी, INS शिशुमार का मीडियम रिफिट और लाइफ सर्टिफिकेशन कर रहा है.

खुखरी क्लास कॉरवेट, लिएंडर और गोदावरी क्लास फ्रिगेट्स के निर्माण के साथ, दिल्ली और कोलकाता क्लास विध्वंसक, मिसाइल बोट्स, SSK सबमरीन, शिवालिक क्लास स्टील्थ फ्रिगेट्स के अलावा, स्कॉर्पीन सबमरीन के निर्माण के श्रेय के साथ मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड ने भारत के स्वदेशी युद्धपोत निर्माण में इतिहास बना दिया है.

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