Search

मैरी कॉम दुनिया की नंबर एक महिला मुक्केबाज़ बनीं: एआईबीए

एआईएबीए की वरीयता सूची में मैरीकॉम को अपने वर्ग में 1,700 प्वाइंट मिले हैं. छठी बार महिला मुक्केबाज़ी की विश्व चैंपियनशिप में मिली जीत ने उन्हें यह उपलब्धि दिलाई है.

Jan 11, 2019 11:08 IST
facebook IconTwitter IconWhatsapp Icon

भारत की प्रसिद्ध महिला मुक्काबाज मैरी कॉम दुनिया की नंबर एक महिला मुक्केबाज़ (48 किलोग्राम वर्ग में) बन गई हैं. अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज़ी संघ (एआईबीए) की ओर से जारी ताज़ा वरीयता सूची में मैरी कॉम को पहले-नबर पर रखा गया है.

एआईएबीए की वरीयता सूची में मैरीकॉम को अपने वर्ग में 1,700 प्वाइंट मिले हैं. छठी बार महिला मुक्केबाज़ी की विश्व चैंपियनशिप में मिली जीत ने उन्हें यह उपलब्धि दिलाई है.

 

सूची में इस पोजीशन पर अन्य भारतीय:

    एआईबीए की विश्व रैंकिंग सूची में अन्य भारतीयों में, पिंकी जांगड़ा को 51 किग्रा श्रेणी की लिस्ट में आठवें स्थान पर रखा गया है.

    इसके बाद एशियाई रजत पदक विजेता मनीषा मौन 54 किग्रा श्रेणी की लिस्ट में आठवें स्थान पर काबिज हैं.

    पूर्व विश्व रजत-पदक विजेता सोनिया लाथेर को 57 किग्रा डिवीजन में दूसरे स्थान पर रखा गया है.

   विश्व कांस्य पदक विजेता सिमरनजीत कौर 64 किग्रा भार वर्ग में चौथे स्थान पर हैं, जबकि पूर्व विश्व चैंपियन एल सरिता देवी 16वें स्थान पर हैं.

    इंडिया ओपन में स्वर्ण पदक विजेता और विश्व की कांस्य-विजेता लवलीना बोरगोहैन ने 69 किग्रा वर्ग में पांचवां स्थान हासिल किया है.

 

मैरी कॉम के बारे में:

    मैंगते चंग्नेइजैंग मैरी कॉम (एम. सी. मैरी कॉम) का जन्म 01 मार्च 1983 को मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में हुआ.

    उनकी प्रारंभिक शिक्षा लोकटक क्रिश्चियन मॉडल स्कूल (कक्षा 6 तक) और सेंट जेविएर स्कूल (कक्षा 8 तक) में हुई.

•    इसके बाद उन्होंने कक्षा 9 और 10 की पढाई के लिए इम्फाल के आदिमजाति हाई स्कूल में दाखिला लिया लेकिन वह मैट्रिकुलेशन की परीक्षा पास नहीं कर सकीं.

   उनको खेल-कूद का शौक बचपन से ही था और उनके ही प्रदेश के मुक्केबाज डिंग्को सिंह की सफलता ने उन्हें मुक्केबाज़ बनने के लिए और प्रोत्साहित कर दिया.

    मैरी कॉम ने वर्ष 2002, 2005, 2006, 2008 और वर्ष 2010 में विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीता था.

   मैरी कॉम विश्व चैंपियनशिप (महिला एवं पुरुष) में सबसे अधिक पदक भी जीतने वाली खिलाड़ी बन गई हैं.

    मैग्निफिशेंट मैरी कॉम' नाम से मशहूर वह एकमात्र भारतीय महिला मुक्केबाज है जिन्होंने वर्ष 2012 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया और फ्लाईवेट (51 किग्रा) वर्ग में प्रतिस्पर्धा की और कांस्य पदक जीता था.

    मैरी को भारत सरकार ने वर्ष 2003 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया. वर्ष 2006 में पद्मश्री और वर्ष 2009 में उन्हें देश के सर्वोच्च खेल सम्मान ‘राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया.

•    मैरीकॉम ने अपनी जीवनी में सह-लेखन किया जो वर्ष 2013 में प्रकाशित हुई और फिल्म मैरीकॉम (वर्ष 2014) में अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा द्वारा उनके संघर्षशील जीवन को दर्शाया गया था.

 

यह भी पढ़ें: आईसीसी का 105वां सदस्य बना यूएसए क्रिकेट

Download our Current Affairs & GK app For exam preparation

डाउनलोड करें करेंट अफेयर्स ऐप एग्जाम की तैयारी के लिए

AndroidIOS