आइएनएमएएस ने पहली स्वदेशी एंटी न्यूक्लियर मेडिकल किट तैयार की

देश की सुरक्षा में तैनात अर्धसैनिक बलों और पुलिस की सुरक्षा के लिए वैज्ञानिकों द्वारा तैयार इस किट को बेहद उपयोगी माना जा रहा है. स्वदेशी रूप से इस किट का निर्माण पहली बार किया गया है.

Sep 15, 2018 09:11 IST
प्रतीकात्मक फोटो

परमाणु चिकित्सा और संबद्ध विज्ञान संस्थान (आइएनएमएएस) के वैज्ञानिकों ने स्वदेश निर्मित पहली एंटी न्यूक्लियर मेडिकल किट तैयार करने में कामयाबी हासिल की है. इससे परमाणु युद्ध या रेडियोधर्मी विकिरण की वजह से गंभीर रूप के घायल लोगों का इलाज किया जा सकेगा.

देश की सुरक्षा में तैनात अर्धसैनिक बलों और पुलिस की सुरक्षा के लिए वैज्ञानिकों द्वारा तैयार इस किट को बेहद उपयोगी माना जा रहा है. इस किट से परमाणु हमले की स्थिति में लोगों को विकिरण के संपर्क में आने से रोकने में भी उपयोग किया सकेगा.

एंटी न्यूक्लियर मेडिकल किट

•    वैज्ञानिकों ने 20 वर्षो के निरंतर प्रयासों से इस किट को तैयार किया है.

•    इस किट में लगभग 25 सामग्रियां हैं, जिनका अलग-अलग इस्तेमाल किया जा सकता है.

•    इनमें विकिरण के असर को कम करनेवाले रेडियो प्रोटेक्टर, बैंडेज, गोलियां, मलहम आदि शामिल हैं.

•    इस किट में हल्के नीले रंग की गोलियां हैं, जो रेडियो सेसियम (सीएस-137) और रेडियो थैलियम आदि के असर को लगभग खत्म कर देती हैं.

•    यह खतरनाक रसायन परमाणु बम का हिस्सा होते हैं, जो मानव शरीर की कोशिकाओं को नष्ट कर देते हैं.

•    यह गोली मानव शरीर में प्रवेश करने वाले विकिरणों को पूरी तरह से अवशोषित कर लेने में सक्षम है.

•    इसमें एक एसिड (ईडीटीए) का इन्जेक्शन भी है, जो परमाणु हमले के दौरान यूरेनियम को शरीर में फैलने से रोकता है.

•    इस किट में सीए-ईडीटीए द्रव है, जिसे इंजेक्शन के जरिये शरीर में दिया जाता है.

टिप्पणी

स्वदेशी रूप से इस किट का निर्माण पहली बार किया गया है. इससे देश को काफी फायदा होगा. अब तक भारत इस किट को सामरिक रूप से उन्नत राष्ट्रों जैसे रूस और अमेरिका से खरीदता था, जिसके लिए भारी कीमत चुकानी होती थी. आइएनएमएएस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार फिलहाल यह किट केवल अर्धसैनिक बलों और पुलिस वालों के लिए बनाई गई है, जिनको विकिरण का सबसे ज्यादा खतरा रहता है. इनका इस्तेमाल किसी परमाणु, रासायनिक हमले के दौरान या उसके बाद चलाए जाने वाले बचाव अभियान के दौरान ही किया जाएगा.

 

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