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अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस विश्व भर में मनाया गया

प्राकृतिक एवं पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में जैव-विविधता का महत्व देखते हुए ही जैव-विविधता दिवस को अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया.

May 22, 2018 15:36 IST

22 मई: अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस

संयुक्त राष्ट्र द्वारा 22 मई 2018 को अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस मनाया गया. वर्ष 2018 का विषय है - सेलिब्रेटिंग 25 इयर्स ऑफ़ एक्शन फॉर बायोडायवर्सिटी (Celebrating 25 Years of Action for Biodiversity).

प्राकृतिक एवं पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में जैव-विविधता का महत्व देखते हुए ही जैव-विविधता दिवस को अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया.

                                                                                   उद्देश्य

इसका उद्देश्य ऐसे पर्यावरण का निर्माण करना है, जो जैव विविधता में समृद्ध, टिकाऊ और आर्थिक गतिविधियों के लिए अवसर प्रदान कर सके.

 

इसमें विशेष तौर पर वनों की सुरक्षा, संस्कृति, जीवन के कला शिल्प, संगीत, वस्त्र-भोजन, औषधीय पौधों का महत्व आदि को प्रदर्शित करके जैव-विविधता के महत्व एवं उसके न होने पर होने वाले  खतरों के बारे में जागरूक करना है.

जैव विविधता सभी जीवों एवं पारिस्थितिकी तंत्रों की विभिन्नता एवं असमानता को कहा जाता है. संयुक्त राष्ट्र ने भी विशेष रूप से कहा कि 2030 के सतत विकास एजेंडा के लिए जैव विविधता आवश्यक है.

वैश्विक नेताओं ने भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक जीवित नक्षत्र सुनिश्चित करते हुए वर्तमान जरूरतों को पूरा करने के लिए 'सतत विकास' की एक व्यापक रणनीति पर सहमति व्यक्त की थी. 193 सरकारों ने इस पर हस्ताक्षर किए गए थे.

 

पृष्ठभूमि:

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 20 दिसम्बर 2000 को 55/201 प्रस्ताव पारित करके 22 मई को अन्तराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के रूप में मनाये जाने का संकल्प लिया.

इस दिवस का उद्देश्य 22 मई 1992 को पारित किये गये नैरोबी एक्ट का पालन करना तथा इस संबंध में लोगों को जागरुक करना है.

अधिकारिक घोषणा से पहले 29 दिसम्बर को अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस मनाया जाता था.

 

जैव विविधता का तात्पर्य:

जैव विविधता का तात्पर्य विभिन्न प्रकार के जीव−जंतु और पेड़-पौधों का अस्तित्व धरती पर एक साथ बनाए रखने से होता है. इसकी कमी से बाढ़, सूखा और तूफान आदि जैसी प्राकृतिक आपदा का खतरा बढ़ जाता है. पारिस्थितिक संतुलन को बनाये रखने तथा खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाने में भी जैव विविधता की अहम भूमिका होती है.

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