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बाघ संरक्षण पर अंतरराष्ट्रीय समीक्षा सम्मेलन का नई दिल्ली में उद्घाटन

यह अंतरराष्ट्रीय समीक्षा सम्मेलन की रेंज में तीसरा सम्मेलन है. यह वर्ष 2012 के बाद भारत में आयोजित होने वाला दूसरा समीक्षा सम्मेलन है.

Jan 28, 2019 19:20 IST
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केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु संरक्षण मंत्री डॉ. हर्षवर्द्धन द्वारा 28 जनवरी 2019 को बाघ संरक्षण पर तीसरे अंतरराष्ट्रीय समीक्षा सम्मेलन का उद्घाटन नई दिल्ली में किया गया.

यह अंतरराष्ट्रीय समीक्षा सम्मेलन की रेंज में तीसरा सम्मेलन है. यह वर्ष 2012 के बाद भारत में आयोजित होने वाला दूसरा समीक्षा सम्मेलन है. सम्मेलन में बाघ रेंज के 13 देशों द्वारा वैश्विक बाघ पुनःप्राप्ति कार्यक्रम (जीटीआरपी) की स्थिति और वन्य जीव तस्करी से निपटने जैसे विषयों पर चर्चा होगी.

केंद्रीय पर्यावरण, वन तथा जलवायु परिवर्तन मंत्री और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ, हर्षवर्धन ने सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि बाघ संरक्षण एक कर्तव्य है जिसे अच्छे ढंग से निभाना चाहिए और अधिक से अधिक नवाचारी उपाय किये जाने चाहिए ताकि हम रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में वर्ष 2010 में बाघ रेंज के देशों द्वारा अपनाए गए लक्ष्यों को बेहतर तरीके से प्राप्त कर सकें. उन्होंने कहा कि हमारी सोच का नया भारत न केवल मानव के लिए है बल्कि इसमें वन्यजीव सहित सभी पहलू शामिल हैं.

 

सुरक्षा ऑडिट पूरा:

देश के 50 में से 25 बाघ अभयारण्यों का सुरक्षा ऑडिट पूरा हो चुका है और सरकार का कहना है कि वह बाघों के संरक्षण में हर प्रकार की मदद देने के लिए तैयार है.

 

बाघों की संख्या दोगुनी करने का संकल्प:

बाघ रेंज के देशों ने 2010 में सेंट पीटर्सबर्ग में घोषणा के दौरान वर्ष 2022 तक अपनी-अपनी रेंज में बाघों की संख्या दोगुनी करने का संकल्प व्यक्त किया था. सेंट पीटर्सबर्ग चर्चा के समय भारत में 1411 बाघ होने का अनुमान था जो कि अखिल भारतीय बाघ अनुमान वर्ष 2014 के तीसरे चक्र के बाद दोगुना होकर 2226 हो गया है.

ऐसा महत्वपूर्ण प्रदर्शन सूचकांकों (केपीआई) के अनुरूप काम करने से हुआ. इन सूचकांकों में बाघ के रिहायशी क्षेत्रों को सुरक्षित रखने के लिए कानून बनाना और जुर्मानों में वृद्धि करना है. अभी अखिल भारतीय बाघ अनुमान 2018 का चौथा चक्र जारी है.

 

दूसरा समीक्षा सम्मेलन:

भारत में वर्ष 2012 के बाद होने वाला यह दूसरा समीक्षा सम्मेलन है. तीसरे समीक्षा सम्मेलन में बाघ रेंज के 13 देशों द्वारा वैश्विक बाघ पुनः प्राप्ति कार्यक्रम (जीटीआरपी) की स्थिति और वन्य जीव तस्करी से निपटने जैसे विषयों पर चर्चा होगी. बाघ रेंज के देशों विशेषकर भारत के श्रेष्ठ व्यवहारों को प्रदर्शित किया जाएगा.

 

पड़ोसी बाघ रेंज देश:

इस समीक्षा सम्मेलन से अलग भारत ने पड़ोसी बाघ रेंज देशों - बाग्लादेश, भूटान तथा नेपाल के साथ उपमहाद्वीप स्तर के बाघ अनुमान रिपोर्ट पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई है.

 

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