यरुशलम में इजरायल-फिलिस्तीनी झड़पें जारी, यहां पढ़ें विस्तृत जानकारी  

यरुशलम प्रमुख धार्मिक स्थलों का केंद्र-स्थल है जो यहूदियों, मुसलमानों और ईसाइयों के लिए पवित्र धार्मिक स्थान हैं और यह मध्य पूर्व संघर्ष का केंद्र भी है.

Created On: May 12, 2021 17:39 ISTModified On: May 12, 2021 17:41 IST

इजरायल की पुलिस और फिलिस्तीनी प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें यरुशलम की ओल्ड सिटी के आसपास और निकटवर्ती शहरों में हफ्ते भर से हो रही हैं. यरुशलम प्रमुख धार्मिक स्थलों का केंद्र-स्थल है जो यहूदियों, मुसलमानों और ईसाइयों के लिए पवित्र धार्मिक स्थान हैं और यह मध्य पूर्व संघर्ष का केंद्र भी है.

पिछले 100 वर्षों से, यरुशलम अरबों और यहूदियों के बीच हिंसक टकराव का स्थान रहा है.

हालांकि, यरुशलम में होने वाली ये ताजा झड़पें पवित्र मुस्लिम महीने रमजान के शुरु में कुछ फिलिस्तीनी सभाओं को रोकने के लिए इजरायल की कार्रवाई से एक महीने पहले शुरू हुई थीं.

10 मई, 2021 को पवित्र हिलटॉप के समस्त परिसर में स्टन ग्रेनेड से आक्रमण हुए. इस संघर्ष में सैकड़ों फिलिस्तीनी जख्मी हो गये.

यरुशलम: इजरायल और फिलीस्तीन की राजधानी

इजरायल के लोगों ने यरुशलम को अपनी ’एकीकृत, शाश्वत’ राजधानी माना है. देश ने 1967 के मध्य पूर्वी युद्ध में पूर्वी यरुशलम पर कब्जा कर लिया था, जिसमें गाजा और वेस्ट बैंक के साथ ओल्ड सिटी भी शामिल है.

दूसरी ओर, फिलिस्तीन के लोग अपने भविष्य के राज्य के लिए उन क्षेत्रों की मांग करते हैं, जिनमें पूर्वी यरुशलम को संभावित राजधानी के तौर प्रस्तुत किया गया है. लेकिन इजरायल की सरकार ने यरुशलम के पूर्वी हिस्से पर अपनी एक कार्रवाई के दौरान विजय हासिल कर ली है जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता नहीं मिली है.

इस संघर्ष ने एक ऎसी स्थिति उत्पन्न कर दी है जिसकी वजह से पूर्वी यरुशलम का भाग्य सबसे कांटेदार मुद्दों में से एक बन गया है.

10 मई, 2021 को इजरायली लोग यरुशलम दिवस के तौर पर मनाते हैं. यह राष्ट्रीय अवकाश का दिन है जिसमें जीत का जश्न मनाया जाता है.

पवित्र हिलटॉप का महत्त्व

यह झड़प 10 मई, 2021 को यरुशलम की ओल्ड सिटी में अल-अक्सा मस्जिद और इसके आसपास हुई. इस मस्जिद को इस्लाम में तीसरा सबसे पवित्र स्थल माना जाता है और यह एक विशाल पठार पर स्थित है और जहां प्रतिष्ठित स्वर्ण गुंबद वाली यह मस्जिद स्थित है. मुस्लिम पवित्र हिलटॉप परिसर को पवित्र इबादत स्थल के तौर पर मानते हैं.

यहूदियों के लिए, यह चारदीवारी वाला पठार सबसे पवित्र स्थल भी है.

इजरायल और फिलिस्तीनियों के बीच नीतिगत भेदभाव

पूर्वी यरुशलम में पैदा होने वाले यहूदी इजरायल के नागरिक हैं, जबकि पूर्वी यरुशलम के फिलिस्तीनियों को स्थायी निवासी माना जाता है लेकिन, अगर वे विस्तारित अवधि के लिए शहर से बाहर रहते हैं तो जिसे अधिकारियों द्वारा निरस्त किया जा सकता है.

इज़रायल द्वारा पूर्वी यरुशलम में यहूदी बस्तियों का निर्माण किया गया है जो अब लगभग 2,20,000 लोगों का घर है. न्यूयॉर्क स्थित - ह्यूमन राइट्स वॉच और इजरायल राइट्स ग्रुप बी ”तस्लेम ने पूर्वी यरुशलम में भेदभावपूर्ण नीतियों की ओर इशारा किया और यह तर्क दिया कि, इजरायल रंगभेद के अपराध का दोषी है. किंतु इजरायल ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है.

पूर्वी यरुशलम से फिलिस्तीनियों को निष्कासन की धमकी

यरुशलम में हालिया झड़प रमजान की शुरुआत में हुई जब इजरायली पुलिस ने यरुशलम की ओल्ड सिटी के दमिश्क गेट के बाहर बैरिकेड्स लगा दिए. इस पवित्र महीने के दौरान यह एक लोकप्रिय सभा स्थल है.

यरुशलम हिंसा से फ़ैली व्यापक अशांति

गाजा पर शासन करने वाले फिलिस्तीनी मिलिटेंट ग्रुप हमाद ने इस नए विद्रोह का आह्वान किया है.

जॉर्डन और अन्य अरब राष्ट्रों ने, जिनके इजरायल के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध हैं, इन विरोध प्रदर्शनों पर इजरायली कार्रवाई की निंदा की है, जबकि इज़राइल के कट्टर दुश्मन ईरान ने इस फिलिस्तीनी विरोध को प्रोत्साहित किया है. संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ ने भी इस हिंसा की निंदा की है और फिलिस्तीनियों के निष्कासन के बारे में चिंता व्यक्त की है.

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