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Supreme Court की इजाजत के बाद पुरी में शुरू हुई भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार 500 से अधिक लोगों को रथ खींचने की अनुमति नहीं दी जाएगी. भगवान जगन्नाथ का मंदिर उड़ीसा के पुरी में स्थित है. 

Jun 23, 2020 12:54 IST
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सुप्रीम कोर्ट ने 22 जून 2020 को ओडिशा में अधिकारियों को पुरी में भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथ यात्रा आयोजित करने की अनुमति दे दी. इसके बाद से ओडिशा के पूरी और गुजरात के अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा शुरू हो गई है.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार 500 से अधिक लोगों को रथ खींचने की अनुमति नहीं दी जाएगी. रथयात्रा की से पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी. सुप्रीम कोर्ट ने रथ यात्रा को निकालने पर दूसरी बार सुनवाई करते हुए अनुमति दी थी.

मुख्य बिंदु

पुरी के राजा गजपति महाराज रथयात्रा में भाग लेने के लिए पुरी के जगन्नाथ मंदिर पहुंच गए हैं. वे 'छेड़ा पहंरा' की रस्म निभाएंगे. इस दौरान वह रथ पर झाड़ू लगाएंगे, जिसमें सोने का हैंडल लगा होगा.

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रथयात्रा की व्यवस्था की देखरेख कर रहे हैं. हर रथ को खींचने के दौरान एक वरिष्ठ अधिकारी इसकी निगरानी करेगा.

ओडिशा के पुरी में होने वाले रथयात्रा के लिए भगवान जगन्नाथ की मूर्ति को पुजारी और सेवायत रथ तक ला रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले 18 जून को कहा था कि जन स्वास्थ्य और नागरिकों के हितों की रक्षा के मद्देनजर इस साल 23 जून को ओडिशा के पुरी में निर्धारित यात्रा की इजाजत नहीं दी जा सकती. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर हमने इसकी अनुमति दी तो भगवान जगन्नाथ हमें कभी माफ नहीं करेंगे.

भगवान जगन्नाथ का मंदिर

भगवान जगन्नाथ का मंदिर उड़ीसा के पुरी में स्थित है. इस पवित्र मंदिर को भारत के चार पवित्र धामों में से एक माना जाता है. यह मंदिर अति प्राचीन है. मान्यता है कि यह पवित्र मंदिर 800 वर्ष से भी अधिक पुराना है.  इस मंदिर में विष्णु अवतार भगवान श्रीकृष्ण स्वयं जगन्नाथ रूप में  विराजमान हैं.

इस मंदिर में भगवान कृष्ण के बड़े भाई बलराम और उनकी बहन देवी सुभद्रा की पूजा-अर्चना की जाती है. रथ यात्रा में इन तीनों के ही अलग अलग रथ सजाए जाते हैं. जिनकी भव्यता और विशालता देखते बनती हैं. इस रथ यात्रा में सबसे आगे बलदेव यानि बलरामजी का रथ चलता है. इसके बाद देवी सुभद्रा और सबसे अंत में भगवान श्रीकृष्ण यानि जगन्नाथ का रथ चलता है.

ओडिशा सरकार ने बड़े पैमाने पर कोरोना जांच

ओडिशा सरकार ने 22 जून 2020 को उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद पुरी में बड़े पैमाने पर कोरोना वायरस जांच अभियान शुरू किया था, जिसमें भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के दौरान रथ खींचने वाले लोगों को अनिवार्य रूप से कोविड-19 की जांच करानी होगी और रिपोर्ट निगेटिव होगी, तभी वह यात्रा में भाग ले पाएंगे.

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