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बजट 2019-20: झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने वार्षिक बजट पेश किया

मुख्यमंत्री रघुवर दास लगातार पांचवीं बार बजट पेश करने वाले राज्य के पहले मुख्यमंत्री हैं. पहली बार बाल बजट भी पेश किया गया है. इस बजट में किसानों, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तीकरण और बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया है.

Jan 22, 2019 17:06 IST

झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सदन में 22 जनवरी 2019 को वित्त वर्ष 2019-20 का वार्षिक बजट पेश कर दिया है. मुख्यमंत्री ने लगभग 85,429 करोड़ का बजट पेश किया है. वित्त मंत्री के रूप में रघुवर दास का यह लगातार पांचवां बजट है. यह झारखंड का अब तक का सबसे बड़ा बजट है.

बजट के दौरान मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा की अटल बिहारी बाजपेयी के सपनों का झारखंड बनाना है. किसानों की आय दुगुनी करने का लक्ष्य है. किसानों की आर्थिक सहायता हेतु मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना की शुरुआत की गई है.

मुख्यमंत्री रघुवर दास लगातार पांचवीं बार बजट पेश करने वाले राज्य के पहले मुख्यमंत्री हैं. पहली बार बाल बजट भी पेश किया गया है. इस बजट में किसानों, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तीकरण और बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया है.

 

बजट से संबंधित मुख्य तथ्य:

   वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए 85 हजार 429 करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया जिमें राजस्व व्यय के लिए 65 हजार 803 करोड़ रुपए एवं पूंजीगत व्यय के लिए 19 हजार 626 करोड़ रुपए का प्रस्ताव है. सामान्य प्रक्षेत्र के लिए 23 हजार 377, सामाजिक प्रक्षेत्र के लिए 28 हजार 882 करोड़ रुपए तथा आर्थिक प्रक्षेत्र के लिए 33 हजार 170 करोड़ रुपए उपबंधित किए गए हैं.

•   वित्तीय वर्ष 2019-20 में 8.73 प्रतिशत की वृद्धि के साथ वर्त्तमान मूल्य पर प्रति व्यक्ति आय 83,513 रुपये होने का अनुमान है, जो वित्तीय वर्ष 2018-19 में 76,806 रुपये एवं 2017-18 में 70,728 रुपये थी.

   स्थिर मूल्य पर राज्य का सकल घरेलू उत्पाद वित्त वर्ष 2019-20 के लिए 2,36,866 करोड़ रुपये अनुमानित है, जो कि पिछले वित्तीय वर्ष की 2,21587 करोड़ रुपये की तुलना में 6.9 प्रतिशत अधिक है.

 

बजट 2019-20 की प्रमुख घोषणाएं:

   मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बजट में 1200 किसानों को मधुमक्खी पालन से जोड़ने के लिए मीठी क्रांति शुरू करने की घोषणा की है.

   इस बजट में नवजातों की खास देखरेख के लिए अलग से प्रावधान किया गया है. झारखंड के प्रत्येक जिले में एक एक गुरुकुल की स्थापना होगी जहां कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जाएगा.

   इस साल के बजट में ई नाम में निबंधित सभी किसानों को स्मार्ट फोन देने की घोषणा की गई है.

•   गोड्डा में सैनिक स्कूल की होगी स्थापना की जाएगी.

•   43 लाख निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए साक्षर झारखंड अभियान शुरू होगा.

   सुदूर इलाकों में तत्काल स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री बाइक एम्बुलेंस योजना शुरू की जाएगी.

   उज्जवला योजना के तहत अब तक 25 लाख से अधिक परिवारों को एलपीजी कनेक्शन दिया गया. वर्ष 2019-20 में 15 लाख परिवारों को एलपीजी कनेक्शन सरकार देगी.

   राज्य सरकार आठवीं से ही बच्चों को प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कराएगी. इसके लिए मुख्यमंत्री मेधा छात्रवृति योजना शुरू होगी. कुल बजट का 11.82 प्रतिशत बच्चों पर खर्च होगा.

   वित्तीय वर्ष 2019-20 में खूंटी, सरायकेला-खरसांवा, लातेहार, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, धनबाद, दुमका, पाकुड़ एवं जामताड़ा जिलों में 5 हजार मीट्रिक टन क्षमता के शीतगृह का निर्माण कराया जाएगा.

•   वित्तीय वर्ष 2019-20 में 100 प्रखण्डों में कोल्ड रूम का निर्माण करने का लक्ष्य है.

   मछली पालन तकनीक का प्रचार-प्रसार किाया जाएगा. इन तकनीक को गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा.

   निर्भया फंड के तहत 21 जिलों में वन स्टॉप सेंटर का निर्माण किया जायेगा.

•   मुख्यमंत्री बाइक एंबुलेंस योजना शुरू होगी, दुर्गम क्षेत्रों में लाभ मिलेगा.

   साहिबगंज, पाकुड़, गोड्डा तथा गुमला जिले में ट्रांसमिशन गैप को पूर्ण करने को 4 ने ग्रिड सब स्टेशन का निर्माण 2019-20 में किया जाएगा.

   राज्य के लगभग 350 सरकारी भवनों पर कनेक्टेड रूफ टॉप सोलर प्लांट स्थापित किया जाएगा.

रांची विश्वविद्यालय एवं सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के समन्वय से रांची रेडियो नामक सामुदायिक रेडियो स्टेशन की स्थापना की जा रही है जिसके माध्यम से लोक भाषा में निर्मित विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी.

 

पृष्ठभूमि:

यह तीसरा मौका है जब राज्य सरकार एक अप्रैल से शुरू होने वाले वित्त वर्ष के लिए जनवरी में बजट प्रस्तुत की हो. गौरतलब है कि पिछले साल भी सरकार ने 23 जनवरी को अपना वार्षिक बजट पेश किया था. वित्तीय वर्ष 2018-19 में 80,200 करोड़ का मूल बजट था. जिसमे प्रमुख आवंटन शिक्षा और ग्रामीण विकास के ऊपर रखा गया था. स्कूली शिक्षा और साक्षरता के लिए 11,181.49 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया था. वहीं, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज क्षेत्र में 11,771.16 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया था.

 

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