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करतारपुर कॉरिडोर: प्रतिदिन 5,000 लोग बिना वीजा कर सकेंगे दर्शन

पाकिस्तान ने गुरु नानक देव जी की 550 वीं जयंती के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए भारत को नवंबर 2019 में गलियारे को चालू करने के लिए अंतरिम व्यवस्था करने की पेशकश की है. करतारपुर साहिब सिखों का पवित्र तीर्थ स्थल है.

Jul 16, 2019 15:14 IST

पाकिस्तान ने करतारपुर कॉरिडोर के लिए रोजना 5000 तीर्थयात्रियों को बिना वीजा आवागमन पर सहमति जताई है. यह गलियारा सिख श्रद्धालुओं हेतु गुरदासपुर जिला स्थित डेरा बाबा नानक साहिब से पाकिस्तान के करतारपुर स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब तक जाना सुगम बनाएगा.

भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि केवल भारतीय नागरिकों को ही नहीं, बल्कि ओसीआई कार्ड रखने वाले भारतीय मूल के व्यक्तियों को भी करतारपुर कॉरिडोर सुविधा का उपयोग करने की अनुमति दी जानी चाहिए.

पाकिस्तान ने गुरु नानक देव जी की 550 वीं जयंती के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए भारत को नवंबर 2019 में गलियारे को चालू करने के लिए अंतरिम व्यवस्था करने की पेशकश की है. करतारपुर साहिब सिखों का पवित्र तीर्थ स्थल है. यह सिखों के प्रथम गुरु, गुरुनानक देव जी का निवास स्थान था.

पाकिस्तान द्वारा मानी गई शर्त:

   अब यह यात्रा सप्ताह के सातों दिन 'बिना वीज़ा' के हो सकती है.

   करतारपुर कॉरिडोर के लिए इस बात पर भी सहमति बनी है कि यात्री अकेले भी यात्रा कर सकते हैं और एक ग्रुप में भी यात्रा कर सकते है.

   पाकिस्तान यह बात भी मान गया है कि प्रतिदिन 5000 यात्री दरबार साहिब करतारपुर के दर्शन कर सकेंगे. भारतीय पासपोर्ट के साथ ओसीआई कार्ड धारकों के लिए भी यह कॉरिडोर खुला रहेगा.

   रावी नदी पर पुल बनाने की भारत की मांग को पाकिस्तान की ओर से सैद्धांतिक सहमति दे दी गई है. भारत की ओर से कहा गया कि आस्था के आधार पर तीर्थयात्रियों से भेदभाव नहीं होना चाहिए. भारतीय मूल के तीर्थयात्रियों को भी करतारपुर साहिब जाने की इजाजत दी जाए.

भारत की ओर से बनाए जा रहे पुल का विवरण साझा किया गया और पाकिस्तान से उनकी तरफ से पुल बनाने का आग्रह किया गया. यह बाढ़ संबंधी चिंताओं को दूर करेगा और तीर्थ यात्रा को सुगम बनाएगा. पाकिस्‍तान ने विश्वास दिलवाया है कि करतारपुर कॉरिडोर शुरू होने के बाद वहां भारत-विरोधी कोई गतिविधि नहीं होने देगी.

करतारपुर कॉरिडोर पर पहले दौर की बातचीत

करतारपुर कॉरिडोर पर पहले दौर की बातचीत 14 मार्च 2019 को अटारी-वाघा सीमा के भारतीय हिस्से अटारी में आयोजित हुई थी. दोनों देशों के बीच इस बातचीत के दौरान ड्राफ्ट समझौते को अंतिम रूप देने के मुद्दों पर चर्चा की गई थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दूसरी बार चुने जाने के बाद गलियारे पर दूसरे दौर की वार्ता की घोषणा की गई थी. पाकिस्तान सरकार ने करतारपुर कॉरिडोर का निर्माण करके शांति का पौधा लगा दिया है.

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करतारपुर कॉरिडोर

करतारपुर कॉरिडोर पंजाब में गुरदासपुर से तीन किमी दूर भारत-पाकिस्तान सीमा से लगा हुआ है. यह गलियारा पाकिस्तान के करतारपुर साहिब को गुरदासपुर जिले के डेरा बाबा नानक मंदिर से जोड़ेगा तथा भारतीय सिख तीर्थयात्रियों के वीजा-मुक्त आवागमन की सुविधा प्रदान करेगा. यह कॉरिडोर खुलने से सिख तीर्थयात्रियों को पाकिस्तान के करतारपुर में ऐतिहासिक गुरुद्वारा दरबार साहिब तक सीधी पहुंच की अनुमति देगा, जहां गुरु नानक देव का साल 1539 में निधन हो गया था.

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