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जानें कौन हैं सब लेफ्टिनेंट शिवांगी जो बनीं भारतीय नौसेना की पहली महिला पायलट?

सब-लेफ्टिनेंट शिवांगी ने अपनी पढ़ाई डीएवी पब्लिक स्कूल से की है. स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद, लेफ्टिनेंट शिवांगी ने सिक्किम मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से बीटेक किया.

Dec 2, 2019 14:50 IST
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सब-लेफ्टिनेंट शिवांगी भारतीय नौसेना की पहली महिला पायलट बन गई हैं. सब-लेफ्टिनेंट शिवांगी 02 दिसंबर 2019 को भारतीय नौसेना में पहली महिला पायलट के रूप में शामिल हुई. उन्होंने कोच्चि नवल बेस पर ऑपरेशनल ड्यूटी जॉइन की. नौसेना के अधिकारियों के अनुसार, शिवांगी ड्रोनियर सर्विलांस एयरक्राफ्ट उड़ाएंगी.

लेफ्टिनेंट शिवांगी बिहार के मुजफ्फरपुर की रहने वाली हैं. उसने अपनी पढ़ाई डीएवी पब्लिक स्कूल से की है. स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद, लेफ्टिनेंट शिवांगी ने सिक्किम मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से बीटेक किया.

नौसेना में एसएसी पायलट के रूप में शामिल

भारतीय नौसेना अकादमी में शिवांगी को 27 एनओसी कोर्स के तहत एसएसी (पायलट) के रूप में शामिल किया गया था. वाइस एडमिरल ए.के. चावला ने जून 2018 में औपचारिक तौर पर उन्हें कमीशन किया था. शिवांगी अब सर्विलांस विमान उडाएंगी. ये सर्विलांस विमान छोटी दूरी के समुद्री मिशन पर भेजे जाते हैं. इसमें एडवांस सर्विलांस राडार, इलेक्ट्रॉनिक सेंसर और नेटवर्किंग जैसे कई अहम उपकरण मौजूद होते हैं.

भावना कांत: भारतीय वायुसेना की पहली महिला पायलट

भावना कांत इस साल भारतीय वायुसेना की पहली महिला पायलट बनी थीं. भावना कांत ने सभी प्रशिक्षण क्वालीफाई किए थे. भावना कांत के अतिरिक्त मोहना सिंह और अवनी चतुर्वेदी भी फाइटर पायलट बनी थीं. इसके अतिरिक्त भारतीय सेना में 100 महिला सैनिकों का पहला बैच साल 2021 में शामिल हो सकता है. इन महिला सैनिकों को भारतीय सेना के ‘कोर ऑफ मिलिट्री पुलिस’ में कमीशन किया जाएगा.

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डोर्नियर विमानों की खासियत

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा स्वदेशी रूप से निर्मित डोर्नियर सर्विलांस विमानों का उपयोग छोटी दूरी के समुद्री टोही मिशन हेतु किया जाता है. यह विमान अत्याधुनिक सेंसर एवं उपकरणों से सुसज्जित होता है. इसमें एडवांस निगरानी रडार, इलेक्ट्रॉनिक सेंसर तथा नेटवर्किंग भी होता है. यह अपने विशिष्टताओं और गुणों के कारण बहुउद्देशीय विमान के रूप में भी जाना जाता है.

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