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लोकसभा से अनधिकृत कालोनियों को नियमित करने वाला बिल पास हुआ

इस विधेयक को पारित होने से दिल्ली में विकास कार्यों को करने की राह मजबूत होगी. यह बिल ‘राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र दिल्ली (अप्राधिकृत कॉलोनी निवासी संपत्ति अधिकार मान्यता) विधेयक, 2019’ के नाम से पेश किया गया.

Nov 29, 2019 15:24 IST
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लोकसभा में 28 नवंबर 2019 को दिल्ली में अनधिकृत कालोनियों को नियमित करने का विधेयक सर्वसम्मिति से पारित हो गया. इस विधेयक का उद्देश्य स्वामित्व के अधिकारों को सुरक्षित करके अनधिकृत कालोनियों को नियमित करना है.

इस विधेयक को पारित होने से दिल्ली में विकास कार्यों को करने की राह मजबूत होगी. यह बिल ‘राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र दिल्ली (अप्राधिकृत कॉलोनी निवासी संपत्ति अधिकार मान्यता) विधेयक, 2019’ के नाम से पेश किया गया.

केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 26 नवंबर 2019 को संसद के निचले सदन में इस बिल को पेश किया था. केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री ने लोकसभा में बताया कि कॉलोनियों को पक्की करने की दिशा में 1731 अनधिकृत कॉलोनियों की डिजिटल मैपिंग का काम आगामी 31 दिसम्बर तक पूरा कर लिया जाएगा.

विधेयक से संबंधित मुख्य बिंदु

• इस विधेयक के पारित होने से दिल्ली के करीब पचास लाख नागरिकों को फायदा होगा. इस विधेयक में कॉलोनियों के विकास, जन सुविधाओं को बेहतर बनाने का प्रावधान भी किया गया है.

• इस कानून के बनने के बाद दिल्ली की अनधिकृत कालोनियों के निवासियों को अपनी संपत्ति का मुख्तारनामा, विक्रय करार, वसीयत, कब्जा पत्र आदि के आधार पर संपत्ति का पंजीकरण करा सकेंगे. वे अन्य दस्तावेजों और साक्ष्यों को हासिल कर सकेंगे जिनके आधार पर वे उनकी संपत्तियों पर कानूनी कब्जा साबित कर सकें.

• इस विधेयक के कानून बनने के बाद रजिस्ट्री तथा स्टांप ड्यूटी में रियायत भी कॉलोनियों के निवासियों को दी जाएगी.

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पृष्ठभूमि

आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय ने दिल्ली के उपराज्यपाल की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट पर केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों को मालिकाना हक देने का प्रस्ताव रखा था. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 23 अक्टूबर 2019 को हुई बैठक में इसे मंजूरी दे दी थी. इसे 29 अक्टूबर 2019 को अधिसूचित कर दिया गया था.

केंद्र सरकार 16 दिसंबर 2019 तक एक पोर्टल अपलोड करेगी जहां अनधिकृत कॉलोनियों के निवासी पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं. अनधिकृत कॉलोनियों के डिजिटल मानचित्र 2019 के अंत तक अपलोड किए जाने की संभावना है.

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