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मध्य प्रदेश के किसानों को फूलों और संतरे की खेती में इज़राइल की सहायता मिलेगी

मध्य प्रदेश में खेती और औद्योगिक विकास की अच्छी संभावनाएं देखते हुए इज़राइल द्वारा अपनाए जा रहे खेती के प्रसिद्ध मॉडल मोशाव की योजना को भी प्रदेश में शुरू किया जा सकता है.

Jul 18, 2017 16:09 IST
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नरेंद्र मोदी की इजराइल यात्रा के बाद इज़राइल के काउंसिल जनरल डेविड अकाव इंदौर की यात्रा पर भारत पहुंचे. उन्होंने मध्य प्रदेश के किसानों को स्मार्ट सिटी में जल प्रबंधन, खेती के नए तरीकों और आय बढ़ाने में सहायता करने का आश्वासन दिया.

इज़राइल के विशेषज्ञों द्वारा मध्य प्रदेश के शाजापुर के नजदीक डेहरियाफाल में संतरे की खेती का तथा सीहोर के समीप श्यामपुर में फूलों की खेती का प्रशिक्षण दिया जाएगा.

मध्य प्रदेश में खेती और औद्योगिक विकास की अच्छी संभावनाएं देखते हुए इज़राइल द्वारा अपनाए जा रहे खेती के प्रसिद्ध मॉडल मोशाव की योजना को भी प्रदेश में शुरू किया जा सकता है.

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मुख्य बिंदु

•    भारत के नौ राज्यों में 26 कृषि एक्सीलेंस सेंटर खोले जायेंगे जबकि इनमें से 15 सेंटर महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा एवं गुजरात में कार्यरत हैं.

•    मध्य प्रदेश में डेहरियाफाल में संतरे की खेती का प्रशिक्षण दिया जायेगा.

•    इसके अतिरिक्त किसानों को फूलों की खेती से आय बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश के श्यामपुर में ही एक प्रशिक्षण केंद्र बनाया जायेगा.

•    इज़राइल आईआईएम व भारतीय विश्वविद्यालयों के साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी सहयोग करना चाहता है जिसके लिए 100 पोस्ट डॉक्टरेल फैलोशिप भी दी गई है.

•    किसानों को एक प्रोजेक्ट पर मिलकर काम करने के बारे में भी बताया जायेगा ताकि वह अपनी उत्पादन क्षमता एवं आय दोनों बढ़ा सकें.

मोशाव मॉडल

मोशाव किसानों द्वारा सामूहिक रूप से खेती एवं उपज बढ़ाने के लिए किये जाने वाले कार्य का नाम है. इसके लिए इज़राइल में 1991 तक लगभग 410 मोशाव बसाए गये थे जिसमें किसान मिलजुल कर रहते हैं और कार्य करते हैं. इसमें खेती के अतिरिक्त उपज को बाज़ार में बेचने, मार्केटिंग के तरीकों पर भी संयुक्त रूप से काम किया जाता है.

 

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