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महिंदा राजपक्षे ने श्रीलंका के नए प्रधानमंत्री पद की ली शपथ

श्रीलंका के राजनीतिक इतिहास में पहली बार है जब एक भाई प्रधानमंत्री और दूसरा भाई राष्ट्रपति होगा. भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिन्दा राजपक्षे को श्रीलंका का प्रधानमंत्री बनने पर शुभकामनाएं दी हैं.

Nov 22, 2019 14:49 IST
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पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने 21 नवंबर 2019 को श्रीलंका के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली. उन्हें राष्ट्रपति गोताबाया राजपक्षे और उनके छोटे भाई द्वारा पद की शपथ दिलाई गई. गोताबाया राजपक्षे ने 20 नवंबर को अपने बड़े भाई तथा पूर्व राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे को फिर से प्रधानमंत्री बनाने का फैसला किया था.

श्रीलंका के राजनीतिक इतिहास में पहली बार है जब एक भाई प्रधानमंत्री और दूसरा भाई राष्ट्रपति होगा. भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिंदा राजपक्षे को श्रीलंका का प्रधानमंत्री बनने पर शुभकामनाएं दी हैं. मोदी ने एक ट्वीट में कहा है कि वे दोनों देशों के संबंधों को और सुदृढ़ करने हेतु उनके साथ मिलकर काम करने को इच्छुक हैं.

महिंदा राजपक्षे ने राष्ट्रपति गोताबाया राजपक्षे की मौजूदगी में राष्ट्रपति सचिवालय में देश के 23वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली. वे आम चुनाव के होने तक सरकार के कार्यवाहक मंत्रिमंडल का नेतृत्व करेंगे. वे श्रीलंका में दस साल तक राष्ट्रपति पद पर रहने के बाद एक बार फिर सत्ता में लौट आये हैं.

रानिल विक्रमसिंघे ने क्यों दिया इस्तीफा?

हाल ही में संपन्न श्रीलंकाई राष्ट्रपति चुनाव 2019 में उनकी पार्टी को भारी हार का सामना करने के बाद प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने औपचारिक रूप से 20 नवंबर 2019 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया.

रानिल विक्रमसिंघे की पार्टी, यूनाइटेड नेशनल पार्टी (UNP) ने साजिथ प्रेमदासा को राष्ट्रपति पद के लिए नामित किया था, लेकिन महिंदा राजपक्षे के छोटे भाई गोताबाया राजपक्षे स्पष्ट विजेता के रूप में उभरे.

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महिंदा राजपक्षे के बारे में

• महिंदा राजपक्षे का जन्म 18 नवंबर 1945 को श्रीलंका में हुआ था.

• वे साल 2005 से साल 2015 तक श्रीलंका के राष्ट्रपति रहे हैं.

• वे 24 साल की आयु में सबसे युवा सांसद बने थे.

• वे पहली बार साल 2004 में प्रधानमंत्री चुने गए थे, लेकिन अगले ही साल वे राष्ट्रपति पद तक पहुंच गए.

• उन्होंने कोलंबो स्थित नालंदा कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की.

• उन्होने साल 1977 में अटॉर्नी एट लॉ की शपथ भी ग्रहण की थी.

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