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मालदीव के सर्वोच्च सम्मान से नवाजे जाएंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

अपने कार्यकाल की दूसरी पारी की शुरुआत के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले विदेश दौरे पर मालदीव के लिए रवाना हो गए हैं. पीएम मोदी को विदेशी गणमान्य व्यक्तियों को सौंपे जाने वाला मालदीव का सबसे बड़ा सम्मान निशान इजुद्दीन दिया जाएगा.

Jun 8, 2019 15:45 IST
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मालदीव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने सबसे बड़े सम्मान से सम्मानित करने का फैसला किया है. मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद ने इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा की राष्ट्रपति ने पीएम नरेंद्र मोदी को सम्मानित करने के अपने फैसले की घोषणा की है.

अपने कार्यकाल की दूसरी पारी की शुरुआत के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले विदेश दौरे पर मालदीव के लिए रवाना हो गए हैं. पीएम मोदी को विदेशी गणमान्य व्यक्तियों को सौंपे जाने वाला मालदीव का सबसे बड़ा सम्मान ‘निशान इजुद्दीन’ दिया जाएगा.

दूसरे कार्यकाल का पहला विदेशी दौरा:

उनके दूसरे कार्यकाल का ये पहला विदेशी दौरा है. पीएम मालदीव आने के बाद पीएम मोदी संसद को भी संबोधित करेंगे. पिछले महीने मालदीव की संसद ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर प्रधानमंत्री मोदी को सदन को संबोधित करने का न्योता दिया था. इस दौरे की खास बात यह है कि पिछले आठ वर्षों में पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री द्विपक्षीय वार्ता के लिए मालदीव जा रहे हैं.

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दूसरे कार्यकाल के शपथ ग्रहण समारोह में भी बिम्सटेक देशों के राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रित किया था. बिम्सटेक में भारत के अलावा बांग्लादेश, म्यांमार, श्रीलंका, थाइलैंड, नेपाल और भूटान शामिल हैं.

मालदीव के सर्वोच्च सम्मान निशान इजुद्दीन:

यह विदेशी प्रतिनिधियों को दिया जाने वाला मालदीव का सबसे बड़ा सम्मान है. प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान इसलिए दिया जा रहा है क्योंकि उनके नेतृत्व में भारत और मालदीव के बीच दोस्ती को मजबूती मिली और दोनों देशों के बीच दशकों पुराने रिश्तों पर उत्तरोत्तर कार्य हो रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी को इससे पहले सऊदी अरब और रूस ने अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा है.

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पीएम मोदी 09 जून को श्रीलंका पहुंचेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 जून को श्रीलंका पहुचेंगे. प्रधानमंत्री का यह दौरा काफी महत्वपूर्ण है. ईस्टर के मौके पर हुए बम धमाकों के बाद श्रीलंका के लोगों के मन में भारतीय एकजुटता की भावना भी झलकती है. प्रधानमंत्री मोदी श्रीलंका में हुए बम धमाकों के बाद किसी देश के पहले राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री है जो श्रीलंका जा रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में भारत और श्रीलंका के बीच रिश्ते में बहुत सुधार हुआ हैं. दोनों देशों में सुरक्षा सहयोग, आपसी कारोबार और सांस्कृतिक संबंध बेहतर हुए हैं.

पृष्ठभूमि:

गौरतलब है कि साल 2018 में भी प्रधानमंत्री मोदी मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद सालेह के शपथ ग्रहण में भी पहुंचे थे. प्रधानमंत्री के इस यात्रा के दौरान मालदीव के विकास और उसकी अर्थव्यवस्था को मजबूती देने हेतु कई समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है. प्रधानमंत्री मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति संयुक्त रूप से दो रक्षा संबंधी परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे. इसमें तटीय निगरानी रेडार सिस्टम और मालदीव के सुरक्षा बलों के लिए संयुक्त अभ्यास केंद्र का उद्घाटन शामिल है. तटीय निगरानी रडार से हिंद महासागर में भारतीय नौसेना को निगरानी करने में मदद मिलेगी.

यह भी पढ़ें: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अब तक मिले अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों की सूची

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