Search

नासा ने अंतरिक्ष के रहस्यमय क्षेत्र को जानने हेतु सैटेलाइट का प्रक्षेपण किया

इस उपग्रह को अटलांटिक के ऊपर एक विमान से प्रक्षेपित किया गया. उपग्रह के प्रक्षेपण के पांच सेकेंड बाद उससे जुड़ा पेगासस रॉकेट प्रज्वलित हो गया जिसके बाद आइकन अपने मार्ग पर आगे बढ़ गया. 

Oct 12, 2019 14:32 IST
facebook IconTwitter IconWhatsapp Icon

नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) ने पृथ्वी के आयनोस्फेयर के गतिशील क्षेत्रों का पता लगाने हेतु एक उपग्रह आइकन (ICON) लॉन्च किया है. साथ ही यह पृथ्‍वी के ऊपरी वातावरण का अध्‍ययन करेगा. नासा का यह आइकन सैटेलाइट दो साल की देरी से लांच किया गया है.

सैटेलाइट आयोनोस्‍फेरिक कनेक्‍शन एक्‍सप्‍लोरर (आइकन) को फ्लोरिडा तट के पास अटलांटिक महासागर के ऊपर से एक विमान से लॉन्च किया गया था. सैटेलाइट के प्रक्षेपण के पांच सेकेंड बाद सैटेलाइट में लगे रॉकेट ने इसे पूर्व निर्धारित पथ पर लेकर गया.

आइकन मिशन के बारे में

• यह सैटेलाइट रहस्‍यमयी तथा गतिशील क्षेत्र का पता लगायेगा. इसे साथ ही अंतरिक्ष और पृथ्‍वी के मौसम के बीच का लिंक भी पता करना है.

• यह सैटेलाइट पृथ्‍वी के ऊपरी वातावरण का अध्‍ययन करेगा. नासा की सैटेलाइट आइकन यह भी पता लगाएगी कि कहां पर अंतरिक्ष तथा हवा का मेल होता है.

• आइकन के साथ चार उपकरण को भी अंतरिक्ष में भेजा गया है. इसमें से एक उपकरण हवा की गति और तापमान मापेगी, दूसरा उपकरण एक आयनों की गति तथा तीसरा और चौथा उपकरण दो अल्‍ट्रावॉयलेट कैमरे आयन से निकलने वाले प्रकाश को मापने हेतु भेजे गये हैं.

• यह सैटेलाइट हवा एवं अंतरिक्ष के मिलन वाले रहस्‍यमयी तथा गतिशील क्षेत्र का पता लगायेगा.

• इस सैटेलाइट के द्वारा पृथ्‍वी के मौसम और अंतरिक्ष के बीच संबंध का भी पता लगाया जायेगा.

• वैज्ञानिकों को इस क्षेत्र के बारे में मिलने वाली अधिक से अधिक जानकारी के आधार पर पृथ्‍वी की कक्षा में अंतरिक्ष यात्री और यान दोनों को ज्‍यादा से ज्यादा सुरक्षा दी जा सकेगी.

• यह सैटेलाइट यह भी पता लगायेगा कि आयनोस्फेयर में दोनों का आपसी तालमेल कैसा है.

यह भी पढ़ें:गृह मंत्री अमित शाह द्वारा ‘ई-बीट बुक’ और ‘ई-साथी’ एप्प आरंभ किये गये

• आयनोस्फेयर ऊपरी वातावरण का आवेशित भाग है जिसका विस्तार कई किलोमीटर ऊपर तक है. यह भाग हमेशा परिवर्तित होता रहता है क्योंकि अंतरिक्ष का मौसम ऊपर से तथा धरती का मौसम नीचे से इसे प्रभावित करता है.

• वैज्ञानिक इस अध्ययन के साथ अंतरिक्ष एवं पृथ्वी के मौसम के बीच लिंक को समझने में सक्षम होंगे.

यह भी पढ़ें:इसरो और डीआरडीओ ने ‘गगनयान’ मिशन हेतु सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए

यह भी पढ़ें:भारत ने हवा से हवा में मार करने वाली अस्त्र मिसाइल का सफल परीक्षण किया

करेंट अफेयर्स ऐप से करें कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी,अभी डाउनलोड करें| Android|IOS

Download our Current Affairs & GK app For exam preparation

डाउनलोड करें करेंट अफेयर्स ऐप एग्जाम की तैयारी के लिए

AndroidIOS