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एनजीटी ने निर्माण पर पाबंदी से प्रभावित मजदूरों के लिए भत्ते की सिफारिश की

एनजीटी ने कहा कि केंद्र को वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने तथा समस्या से निपटने के लिए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाने के तरीकों पर फिर से विचार करने की आवश्यकता है.

Nov 6, 2019 16:10 IST
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राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने हाल ही में केंद्र सरकार से दिल्ली में प्रदूषण स्तर कम करने हेतु निर्माण गतिविधियों पर पाबंदी के कारण बेरोजगार हुए दिहाड़ी मजदूरों को भत्ता या मुआवजा प्रदान करने की सिफारिश की है.

सुप्रीम कोर्ट ने 04 नवंबर 2019 को कहा कि दिल्ली और उसके उपनगरों में प्रदूषित ईंधन से चलने वाले उद्योग 08 नवंबर 2019 की सुबह तक बंद रहेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में हॉट-मिक्स प्लांट्स तथा स्टोन-क्रशर पर प्रतिबंध को 08 नवंबर तक बढ़ा दिया है. इस कदम का मुख्य उद्देश्य दिल्ली में प्रदूषण के स्तर को कम करना था.

हालांकि, रोजी-रोटी हेतु निर्माण स्थलों पर दिहाड़ी मजदूरी का काम करने वाले लोग निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध के वजह से बेरोजगार हो गये हैं. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में निर्माण कार्य, इमारत गिराना तथा कूड़ा जलाने पर रोक लगाने का निर्देश दिया है.

एनजीटी का आदेश

• एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी प्रतिबंध से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, क्योंकि वे निर्माण स्थलों पर आश्रित रहते हैं और प्रतिबंध ने उन्हें बेरोजगार कर दिया है.

• पीठ ने कहा की भवन और अन्य निर्माण श्रमिक (रोजगार का नियमन और सेवा की शर्तें) कानून के अंतर्गत कल्याण संबंधी विशाल धनराशि बिना इस्तेमाल के पड़ी हुई है.

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• एनजीटी ने दिल्ली सरकार से पूछा कि कूड़ा जलाने के मामलों को रोकने हेतु वह क्या कर रही है. एनजीटी ने केंद्र सरकार से भी प्रदूषण रोकने के कदमों के बारे में पूछा. एनजीटी ने कहा कि प्रदूषण को कम करने हेतु वर्तमान में उठाए गए कदम आपदा प्रबंधन की तरह हैं.

• एनजीटी ने कहा कि केंद्र को वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने तथा समस्या से निपटने के लिए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाने के तरीकों पर फिर से विचार करने की आवश्यकता है.

• एनजीटी ने दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के खतरनाक स्तर का स्वत: संज्ञान लेते हुए दिल्ली के प्रमुख सचिव के साथ केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के अधिकारियों को तलब किया.

• एनजीटी ने इससे पहले कृषि मंत्रालय को निर्देश दे चुकी है कि वह रिपोर्ट दाखिल कर बताएं पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण को रोकने हेतु उसने क्या कदम उठाए हैं.

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