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नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक लियोन लीडरमैन का निधन

लीडरमैन को साल 1988 में म्यूऑन न्यूट्रीनो की खोज के लिए नोबेल पुरस्कार मिला था. उन्होंने 'द गॉड पार्टिकल' नाम की किताब भी लिखी थी.

Oct 6, 2018 09:52 IST
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गॉड पार्टिकल हिग्स बोसॉन की खोज करने वाले नोबेल पुरस्कार विजेता भौतिकविद लियोन लीडरमैन का अमेरिका के रेक्सबर्ग शहर में 03 अक्टूबर 2018 को निधन हो गया. वे 96 वर्ष के थे.

लीडरमैन को वर्ष 1988 में अधिक ऊर्जा वाले एक्सेलेरेटर की मदद से न्यूट्रिनॉज़ की बीम बनाने और न्यूट्रिनो के नए प्रकार 'म्यूऑन न्यूट्रिनो' के अस्तित्व को प्रमाणित करने के लिए संयुक्त रूप से भौतिकी का नोबेल मिला था.

लियोन लीडरमैन के बारे में:

•   लियोन लीडरमैन का जन्म 15 जुलाई 1922 को न्यूयॉर्क सिटी में हुआ था.

•   लीयोन लीडरमैन अमेरिका के प्रसिद्द वैज्ञानिक थे.

•   उन्होंने "द गॉड पार्टिकल" नाम की किताब भी लिखी थी. इससे उन्हें बहुत प्रसिद्धि मिली थी.

•   उन्होंने इस किताब में हिग्स बोसॉन के बारे में बताया था. जिसे आखिरकार वर्ष 2012 में ढूंढ लिया गया और इसके खोज के लिए बेल्जियम के भौतिक विज्ञानी फ्रांस्वा इंगलर्ट और ब्रिटेन के पीटर हिग्स को वर्ष 2013 के भौतिकी के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

•   उन्होंने 1960 के दशक में सर्न की उस लैबोरेटरी में महामशीन के निर्माण में भी मदद की, जिसने 2012 में ‘गॉड पार्टिकल’ की खोज की थी.

जीते जी पदक बेचने वाले दूसरे विजेता:

डीएनए की संरचना खोजने वाले जीव विज्ञानी जेम्स वॉटसन के बाद लीयोन लीडरमैन दूसरे ऐसे नोबेल विजेता थे, जिनका पदक उनके जीवित रहते नीलाम किया गया था. अमेरिकी भौतिक विज्ञानी लियोन लीडरमैन द्वारा नोबेल पदक बेचने के फैसले से पहले नोबेल इतिहास में अब तक दस विजेताओं के पदक नीलाम किए जा चुके हैं. इनमें साइमन कुजनेट का वर्ष 1971 में जीता अर्थशास्त्र और हेनरिक वेलैंड को वर्ष 1927 में मिला रसायन का नोबेल शामिल है.

गॉड पार्टिकल क्या है?

हिग्स बोसॉन को "गॉड पार्टिकल" भी कहा जाता है. हिग्स बोसोन से कणों को भार मिलता है. हिग्स बोसॉन एक मूल कण है जिसकी प्रथम परिकल्पना वर्ष 1964 में दी गई. इसका प्रायोगिक सत्यापन 14 मार्च 2013 को किया गया. इस आविष्कार को एक 'यादगार' कहा गया क्योंकि इससे हिग्स क्षेत्र की पुष्टि हो गई. कण भौतिकी के मानक मॉडल द्वारा इसके अस्तित्व का अनुमान लगाया गया है. हिग्स बोसॉन को कणो के द्रव्यमान या भार के लिये जिम्मेदार माना जाता है. प्रायः इसे अंतिम मूलभूत कण माना जाता है.

भार या द्रव्यमान वो चीज है जो कोई चीज अपने अंदर रख सकता है. अगर कुछ नहीं होगा तो फिर किसी चीज़ के परमाणु उसके भीतर घूमते रहेंगे और जुड़ेंगे ही नहीं. इस सिद्धांत के अनुसार हर खाली जगह में एक फील्ड बना हुआ है जिसे हिग्स फील्ड का नाम दिया गया इस फील्ड में कण होते हैं जिन्हें हिग्स बोसोन कहा गया है.

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